गुरुग्राम में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 21वें दिन भी जारी, कचरे के ढेरों से शहर परेशान

Kittu Kumari26 August 20262 min read169 viewsNCR
गुरुग्राम में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 21वें दिन भी जारी, कचरे के ढेरों से शहर परेशान

गुरुग्राम में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 6 अगस्त 2026 को शुरू हुई थी और 26 अगस्त 2026 को इस हड़ताल ने 21 दिन पूरे कर ली है। इस प्रदर्शन में हरियाणा भर के 14,000 से अधिक कर्मचारी शामिल हैं, जिनमें गुरुग्राम नगर निगम (MCG) के लगभग 2,800 सफाई कर्मचारी भी शामिल हैं। ये सभी कर्मचारी न्यूनतम वेतन बढ़ाने, सेवाओं को नियमित करने और ठेका प्रथा को खत्म करने की मांग कर रहे हैं। इस आंदोलन की मुख्य वजह हरियाणा सरकार द्वारा 13 मई 2026 को हुए 17 सूत्रीय समझौते को लागू करने में कथित विफलता है। इस समझौते में सफाई और सीवर कर्मचारियों को पक्का करना और खाली पदों पर भर्ती करना शामिल था।

बातचीत बेनतीजा और सरकारी पक्ष

23 अगस्त 2026 को सरकार के प्रतिनिधियों और यूनियन नेताओं के बीच बातचीत हुई लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकला। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार Bedi ने बताया कि सरकार ने 14 में से 13 मांगों को पूरा कर दिया है, लेकिन कर्मचारियों को पक्का करने का मामला अभी कानूनी समीक्षा के अधीन है ताकि सुप्रीम कोर्ट और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसलों का पालन हो सके। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश शास्त्री ने पुष्टि की कि इस विरोध प्रदर्शन में 50,000 से अधिक सफाई कर्मचारी और करीब 2,000 दमकल विभाग के कर्मचारी शामिल हैं।

स्वास्थ्य जोखिम और निवासियों की नाराजगी

कचरा जमा होने से गर्मी और बारिश के मौसम में गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो रहा है, ऐसा म्युनिसिपल एम्प्लॉइज यूनियन के अध्यक्ष बसंत कुमार ने चेतावनी दी है। सेक्टर 40 रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के अध्यक्ष अभिमन्यु यादव सहित कई स्थानीय निवासियों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते ہوئے कहा है कि उनके सेक्टर कचरे से घुट रहे हैं और उन्होंने मांग की है कि प्रबंधन और उससे जुड़े फंड स्थानीय आरडब्ल्यूए को ट्रांसफर किए जाएं।

नगर निगम की प्रतिक्रिया और आगे की चेतावनी

गुरुग्राम नगर निगम ने कहा है कि उन्होंने कचरा उठाने के लिए निजी एजेंसियों के कर्मचारियों को तैनात किया है और मुख्य मांगें नीतिगत मुद्दे हैं जो राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। यूनियनों ने अल्टीमेटम जारी करते हुए चेतावनी दी है कि यदि 26 अगस्त के अंत तक सहमति वाली मांगों पर औपचारिक आदेश जारी नहीं किए गए, तो यह प्रदर्शन हरियाणा के सभी स्थानीय निकायों में अनिश्चितकालीन, राज्यव्यापी हड़ताल में बदल जाएगा।

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