गुरुग्राम: स्वच्छता नियमों की अनदेखी पड़ी महंगी, निगम ने वसूला 30.18 लाख का जुर्माना
गुरुग्राम नगर निगम ने स्वच्छता और पर्यावरण नियमों को तोड़ने वालों पर 30 लाख से ज्यादा का जुर्माना लगाया है। जानें किन गलतियों पर कितनी पेनल्टी लगी।

गुरुग्राम शहर को साफ-सुथरा और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए नगर निगम ने सख्त रुख अपना लिया है। शहर में स्वच्छता और पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया गया, जिसमें 1 अक्टूबर से 23 अक्टूबर के बीच भारी जुर्माना लगाया गया है। नगर निगम गुरुग्राम ने इस अवधि के दौरान कुल 827 चालान काटकर 30,18,500 रुपये का जुर्माना वसूला है।
इन गलतियों पर लगा सबसे ज्यादा जुर्माना
निगम की कार्रवाई में सबसे ज्यादा मामले पॉलीथिन के इस्तेमाल के मिले हैं। कुल 414 चालान पॉलीथिन के उपयोग के लिए काटे गए, जिनमें 3.09 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, निर्माण और विध्वंस (C&D) वेस्ट के नियमों को तोड़ने वाले 40 मामलों में 9.65 लाख रुपये की बड़ी पेनल्टी लगाई गई है। इसके अलावा, निर्माण सामग्री को बिना ढके ले जाने वाले 38 वाहनों पर 1.90 लाख रुपये का जुर्माना किया गया।
कार्रवाई का विवरण कुछ इस प्रकार है:
- डस्टबिन न होने पर: 191 मामलों में 95,500 रुपये जुर्माना।
- धूल नियंत्रण उपायों की अनदेखी: 13 मामलों में 3.25 लाख रुपये।
- ड्रेनों में कचरा और अवैध कनेक्शन: 70 मामलों में 7 लाख रुपये।
- कचरा जलाने पर: 21 मामलों में 1.05 लाख रुपये।
- सीवेज और सेप्टेज संबंधी गड़बड़ी: 5 मामलों में 1.75 लाख रुपये।
- थोक कचरा डंपिंग: 3 मामलों में 1 लाख रुपये।
इसके अलावा, खुले में शौच करने वालों पर 10,500 रुपये और पानी की बर्बादी करने वालों पर 13,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने स्पष्ट किया कि शहर की स्वच्छता बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों, दुकानदारों और निर्माण एजेंसियों से अपील की है कि वे कचरा निर्धारित स्थानों पर ही डालें, निर्माण सामग्री को ढककर रखें और जल संरक्षण का ध्यान रखें। उन्होंने जोर दिया कि शहर को सुरक्षित और स्वच्छ बनाने के लिए जन-सहयोग बेहद जरूरी है।