गुरुग्राम: कारौला गांव में सागर की हत्या मामले में 11वां आरोपी गिरफ्तार, थार बरामद
गुरुग्राम के गांव कारौला में रंजिश के चलते हुई सागर की हत्या में पुलिस ने 11वें आरोपी को दबोचा और वारदात में इस्तेमाल थार गाड़ी बरामद की।

गुरुग्राम के फर्रूखनगर इलाके में पुरानी रंजिश के चलते हुई सागर की हत्या के मामले में पुलिस ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। क्राइम ब्रांच फर्रूखनगर की टीम ने इस हत्याकांड में शामिल 11वें आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान 20 वर्षीय राहुल सेहरावत के रूप में हुई है, जो मूल रूप से रोहतक के भैंसरु गांव का रहने वाला है और फिलहाल सोनीपत के प्रगति नगर में रह रहा था। पुलिस ने उसे 4 नवंबर को झज्जर के गुरुग्राम रोड बाईपास से दबोचा और अदालत से एक दिन का रिमांड लिया है। सबसे अहम बात यह है कि पुलिस ने आरोपी के पास से वह थार गाड़ी भी बरामद कर ली है, जिसका इस्तेमाल वारदात को अंजाम देने के लिए किया गया था।
पुरानी रंजिश और सोची-समझी साजिश
यह पूरी वारदात गांव कारौला में हुई थी, जहां आपसी विवाद ने खूनी मोड़ ले लिया। पुलिस के मुताबिक, यह मामला 3 अगस्त को शुरू हुआ था जब शिकायतकर्ता अपने भाई होशियार के साथ रेंटल की दुकान पर था। तभी गांव का ही सचेत नाम का व्यक्ति वहां आया और दोनों के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद सचेत ने अपने साथियों के साथ मिलकर शिकायतकर्ता के परिजनों के साथ मारपीट की।
नफरत की यह आग 6 अगस्त को तब भड़की जब बेंगलुरु में काम करने वाला सागर अपने घर लौटा था। जैसे ही शिकायतकर्ता अपने भाई सागर को लेकर घर पहुंचा, हथियारों से लैस हमलावरों ने उनका पीछा किया और घर में घुसकर हमला बोल दिया। इस हमले में सागर को गोली मार दी गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने इस मामले में पहले ही कड़ी कार्रवाई करते हुए 8 अगस्त को रोहतक के आजादगढ़ से 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें सचेत उर्फ मुन्ना, ओम, साहिल, गौतम और विनय समेत अन्य शामिल थे। जांच में सामने आया कि सचेत की शिकायतकर्ता परिवार से पुरानी रंजिश थी, जिसके कारण उसने एक सोची-समझी साजिश के तहत अपने साथियों के साथ मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया था।