गुरुग्राम में धंस रही सड़कें, क्या रिकॉर्ड बनाना चाहता है प्रशासन: पंकज डावर
गुरुग्राम-सोहना हाईवे पर सातवीं बार सड़क धंसने पर कांग्रेस नेता पंकज डावर ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सरकार पर निशाना साधा।

गुरुग्राम सड़क धंसना अब शहर के लिए एक गंभीर समस्या बन चुका है। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष (शहरी) पंकज डावर ने इस मुद्दे पर भाजपा सरकार और प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गुरुग्राम में सड़कों के धंसने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है और ऐसा लगता है जैसे सरकार सड़कों के धंसने का ही कोई नया रिकॉर्ड बनाने की कोशिश कर रही है।
पंकज डावर ने विशेष रूप से गुरुग्राम-सोहना हाईवे का मुद्दा उठाते हुए इसे भ्रष्टाचार की एक बड़ी मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार यह हाईवे अब तक सात बार धंस चुका है। यह बेहद चौंकाने वाला है कि एक ही हाईवे का एक ही हिस्सा सात बार धंस जाए। डावर के मुताबिक, प्रशासन हर बार केवल लीपापोती करता है और मिट्टी डालकर गड्ढे भर दिए जाते हैं, लेकिन कुछ महीनों बाद वही सड़क फिर से धंस जाती है, जिससे आम जनता की जान जोखिम में पड़ रही है।
भ्रष्टाचार और ठेकेदारों की मिलीभगत का आरोप
पंकज डावर ने सवाल किया कि आखिर किस तकनीक से इन सड़कों का निर्माण किया गया है, जो बिना बारिश या मामूली बारिश में ही बैठ जाती हैं। उन्होंने कहा कि इस हाईवे से रोजाना हजारों लोग सोहना, नूंह और अलवर की ओर जाते हैं, लेकिन यह अब 'हादसों का हाईवे' बन गया है। कभी सर्विस लेन धंसती है तो कभी मुख्य सड़क।
उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर हमला बोलते हुए कहा कि जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है। अगर पहली बार सड़क धंसने पर ही संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती, उसकी सिक्योरिटी जब्त होती और उसे ब्लैकलिस्ट किया जाता, तो आज यह नौबत नहीं आती। डावर ने आरोप लगाया कि सरकार और ठेकेदारों के बीच गहरी मिलीभगत है, इसीलिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
इसी के साथ उन्होंने दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे-48 (NH-48) का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के फ्लाईओवरों की हालत भी बेहद खराब है और पिछले दो सालों से वहां से कंक्रीट के टुकड़े गिर रहे हैं, जो प्रशासन की लापरवाही को साफ दर्शाता है।