गुरुग्राम में सड़कों के लिए सरकार अधिग्रहित करेगी 1158 एकड़ जमीन, हाई कोर्ट की फटकार के बाद जागा प्रशासन

गुरुग्राम-मानेसर अर्बन कॉम्प्लेक्स में रहने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं और कनेक्टिविटी की कमी से जूझ रहे सेक्टर 58 से 115 के निवासियों के लिए हरियाणा सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद, अब सरकार 24 मीटर चौड़ी आंतरिक सड़कें बनाने के लिए करीब 1,157.22 एकड़ निजी जमीन का अधिग्रहण करने जा रही है।
दरअसल, 14 सितंबर 2026 को कोर्ट की सुनवाई के दौरान न्यायाधीशों ने इस बात पर गहरी नाराजगी जताई थी कि बुनियादी ढांचे की कमी के कारण लोग परेशान हैं और कई होमबायर्स तो अपने घरों के रिफंड की मांग कर रहे हैं। कोर्ट की इस फटकार ने प्रशासन को जगाया और अब टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग (DTCP) ने सर्वे के बाद पाया कि कुल 1,836.6 एकड़ जमीन की जरूरत में से 1,157.22 एकड़ अभी भी अधिग्रहित नहीं हुई है।
इन सेक्टरों में जल्द शुरू होगा काम
इस पूरी प्रक्रिया को 'राइट टू फेयर कंपनसेशन एंड ट्रांसपेरेंसी इन लैंड एक्विजिशन एक्ट 2013' के तहत पूरा किया जाएगा। सरकार ने सबसे पहले 37.9 एकड़ जमीन के अधिग्रहण को प्राथमिकता दी है, जिसमें सेक्टर 58 से 67A के बीच 27.1 एकड़ और सेक्टर 81 में 10.7 एकड़ जमीन शामिल है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल ने 30 सितंबर 2026 को एक नोटिफिकेशन जारी कर सेक्टर 81 से 86 और सेक्टर 104 में 10.61 एकड़ जमीन के लिए सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट शुरू करने का निर्देश दिया है। इसके लिए डीजी जे. गणेशन के नेतृत्व में एक जॉइंट साइट इंस्पेक्शन कमेटी बनाई गई है, जो जमीन की पहचान और तकनीकी रिपोर्ट तैयार कर रही है।
इस प्रोजेक्ट का बजट DTCP के एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्जेस (EDC) से निकाला जाएगा। साथ ही, लागत की वसूली के लिए सरकार सड़कों के साथ-साथ कुछ कमर्शियल जमीन भी अधिग्रहित करने पर विचार कर रही है, जिसे बाद में नीलाम किया जाएगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस साल के बजट में इस पहल का ऐलान किया था। यह कदम उन कनेक्टिविटी समस्याओं को दूर करेगा जो प्राइवेट डेवलपर्स द्वारा जमीन विवादों के कारण सड़कें न बना पाने की वजह से पैदा हुई थीं।