गुरुग्राम में राशन घोटाला: सीएम फ्लाइंग की जांच के बाद आपूर्ति विभाग के चार अधिकारियों पर केस दर्ज

गुरुग्राम के जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में एक बड़ा राशन घोटाला सामने आया है। सीएम फ्लाइंग टीम की जांच के बाद थाना शिवाजी नगर पुलिस ने विभाग के चार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में पुलिस ने विभाग के तत्कालीन जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक अनिल कुमार, एएफएसओ विजय कुमार, निरीक्षक प्रेमपूर्ण सिंह और उप-निरीक्षक राकेश कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई निरीक्षक धर्मबीर सिंह की शिकायत पर की गई है।
फर्जी पीओएस मशीनों के जरिए हुआ गेहूं का फर्जी ट्रांसफर
शिकायत के अनुसार विभागीय रिकॉर्ड की जांच में जुलाई, अगस्त और नवंबर 2023 के दौरान कुल 1,53,104 किलो गेहूं ऐसी पीओएस मशीनों में ट्रांसफर किया गया, जो किसी भी राशन डिपो को आवंटित ही नहीं थीं। सत्यापन में पाया गया कि संबंधित मशीनें भौतिक रूप से मौजूद ही नहीं थीं और 2020 के बाद सरकार की ओर से उनमें राशन का आवंटन भी नहीं किया गया था। रिकॉर्ड के मुताबिक जुलाई 2023 में 71,735 किलो, अगस्त में 57,969 किलो और नवंबर में 23,400 किलो गेहूं का फर्जी ट्रांसफर किया गया। आरोप है कि अधिकारियों ने डिपो होल्डरों से मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर यह हेराफेरी की है।
अवैध वसूली और बैंक खातों में पैसों के लेनदेन का आरोप
जांच में उप-निरीक्षक राकेश कुमार पर डिपो होल्डर बाबूराम गुप्ता से मशीन अटैच करने के नाम पर अवैध वसूली का आरोप भी लगा है। रिपोर्ट के अनुसार एक जनवरी 2022 से 31 मार्च 2026 के बीच बाबूराम गुप्ता और उनकी पत्नी सीमा गुप्ता के बैंक खातों से राकेश कुमार के खाते में कुल 1,29,200 रुपये ट्रांसफर किए गए। शिकायतकर्ता ने पुलिस से 2022 से 2026 तक के सभी ट्रांसफर रिकॉर्ड को कब्जे में लेकर गहन जांच की मांग की है। साथ ही यह भी कहा गया है कि जांच में जो भी अन्य अधिकारी या व्यक्ति शामिल पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।