गुरुग्राम में प्रदूषण पर वार: 50% वर्क फ्रॉम होम और निर्माण कार्यों पर लगी रोक
गुरुग्राम प्रशासन ने प्रदूषण रोकने के लिए 50% वर्क फ्रॉम होम और कंस्ट्रक्शन बैन लागू किया है। जानें कौन से काम बंद रहेंगे और क्या नियम हैं।

सर्दियों की दस्तक के साथ ही दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए गुरुग्राम जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। गुरुग्राम प्रदूषण नियंत्रण उपाय के तहत अब शहर के सरकारी और निजी दफ्तरों में केवल 50 प्रतिशत कर्मचारी ही फिजिकल तौर पर ऑफिस जा सकेंगे, जबकि बाकी सभी को वर्क फ्रॉम होम करना होगा।
यह आदेश 5 नवंबर से 20 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। यह फैसला 30 अक्टूबर को कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) द्वारा जारी निर्देशों के बाद लिया गया है। हालांकि, इस नियम से औद्योगिक संस्थानों और उन आवश्यक सेवाओं को छूट दी गई है, जहां घर से काम करना संभव नहीं है।
कंस्ट्रक्शन और तोड़फोड़ पर पूरी तरह पाबंदी
प्रशासन ने केवल ऑफिस ही नहीं, बल्कि धूल उड़ाने वाली गतिविधियों पर भी सख्ती दिखाई है। शहर में सभी तरह के बाहरी निर्माण कार्यों और तोड़फोड़ (डेमोलिशन) पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसमें हाईवे, सड़कें, फ्लाईओवर, पावर ट्रांसमिशन लाइन और टेलीकॉम से जुड़े पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स भी शामिल हैं।
हालांकि, कुछ बेहद जरूरी प्रोजेक्ट्स को इस बैन से बाहर रखा गया है। रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, अस्पताल, जल आपूर्ति, स्वच्छता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े काम जारी रहेंगे, लेकिन उन्हें धूल नियंत्रण और वेस्ट मैनेजमेंट के नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।
जिला उपायुक्त उत्तम सिंह ने इन आदेशों को औपचारिक रूप दिया है। नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए गुरुग्राम नगर निगम (MCG) ने नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं। एसडीएम और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें रोजाना निरीक्षण करेंगी। अगर कोई इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ 'कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट एक्ट, 2021' के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।