गुरुग्राम: प्रदूषण रोकने के लिए नगर निगम सख्त, सड़कों की धूल हटाने का मास्टर प्लान तैयार

गुरुग्राम में बढ़ते वायु प्रदूषण और सड़कों पर उड़ने वाली धूल से निपटने के लिए नगर निगम ने अब कमर कस ली है। निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में हुई एक अहम समीक्षा बैठक में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहर की हवा को साफ रखना और धूल के स्तर को कम करना है, ताकि नागरिकों को सांस लेने में तकलीफ न हो।
बैठक के दौरान वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा तय किए गए लक्ष्यों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि शहर में कुल 396 किलोमीटर सड़कों के विकास का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 17 अक्टूबर तक करीब 198.74 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। प्रशासन का दावा है कि दिसंबर के अंत तक बाकी बचे कार्यों को भी पूरा कर लिया जाएगा।
सफाई और निगरानी के लिए कड़े निर्देश
प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए निगम ने कई स्तरों पर रणनीति बनाई है, जिसमें निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:
- धूल हटाने का अभियान: प्रत्येक जोन को उन प्रमुख सड़कों की पहचान करनी होगी जहां धूल ज्यादा जमा है। संबंधित टीमों को काम से पहले और बाद की तस्वीरें देनी होंगी ताकि काम की गुणवत्ता जांची जा सके।
- मैकेनिकल स्वीपिंग: सड़कों की सफाई के लिए मशीनों की रात के समय निगरानी की जाएगी। सैनिटेशन इंस्पेक्टरों को मशीनों के रूट और काम के घंटों की पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- पानी का छिड़काव: बागवानी टीमों के जरिए चिन्हित स्थानों पर पानी छिड़कने के लिए जोनवार रूट प्लान बनाया गया है, ताकि उड़ने वाली धूल को नियंत्रित किया जा सके।
- कचरा प्रबंधन: निर्माण और विध्वंस (C&D) कचरे के प्रबंधन के साथ-साथ खुले में कचरा जलाने वाली घटनाओं पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी।
निगमायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विभिन्न पोर्टलों पर लंबित शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से समाधान किया जाए। इस पूरी कवायद का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि गुरुग्राम की सड़कों पर धूल कम हो और वायु गुणवत्ता में सुधार आए।