गुरुग्राम: नागरिक से बदसलूकी पर पटवारी सस्पेंड, सीएम नायब सैनी ने लापरवाह अधिकारियों पर कसा शिकंजा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में नागरिक से दुर्व्यवहार करने वाले पटवारी को सस्पेंड किया और लापरवाह अधिकारियों की सैलरी काटने के आदेश दिए।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आम जनता की समस्याओं की अनदेखी करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि जनता के साथ दुर्व्यवहार और ड्यूटी में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी कड़ी में गुरुग्राम नगर निगम के एक पटवारी को नागरिक के साथ गलत व्यवहार करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
बैठक में कुल 15 शिकायतों पर सुनवाई हुई, जिनमें से 11 का निपटारा मौके पर ही कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने प्रॉपर्टी आईडी बनाने में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई की है। जांच में पाया गया कि तत्कालीन बिल्डिंग इंस्पेक्टर और म्युनिसिपल इंजीनियर ने बिना अनुमति और नियमों को ताक पर रखकर प्रॉपर्टी आईडी बनाई थीं। इस गंभीर लापरवाही के लिए सीएम ने दोनों अधिकारियों की तीन महीने की 50 प्रतिशत सैलरी काटने, उन्हें चार्जशीट करने और एनसीआर जिलों से बाहर तबादला करने के आदेश दिए हैं।
सड़क निर्माण में लापरवाही और स्वच्छता पर एक्शन
मुख्यमंत्री का एक्शन यहीं नहीं रुका। सड़क मरम्मत कार्य में मानकों की अनदेखी करने पर लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यकारी अभियंता की एक महीने की सैलरी काटने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही गुरुग्राम और मानेसर नगर निगम क्षेत्रों में सार्वजनिक शौचालयों की गंदगी और रखरखाव की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए गए हैं। इन सभी आठ जोन में गठित कमेटियां एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह के साथ पटौदी विधायक बिमला चौधरी, सोहना विधायक तेजपाल तंवर और गुरुग्राम विधायक मुकेश शर्मा भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान सीएम ने शिक्षा व्यवस्था पर जोर देते हुए बताया कि सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए 2,000 करोड़ रुपये की योजना मंजूर की गई है, जिसके तहत दिसंबर 2027 तक 400 से अधिक स्कूलों को नए भवन दिए जाएंगे।