गुरुग्राम में सर्दियों के प्रदूषण से निपटने के लिए सख्त 'नो पीयूसी, नो फ्यूल' नीति लागू

गुरुग्राम प्रशासन ने सर्दियों के वायु प्रदूषण को कम करने के लिए एक सख्त नीति की घोषणा की है। इसके तहत एनसीआर जिलों में 1 अक्टूबर 2026 से 'नो पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC), नो फ्यूल' नियम लागू किया जाएगा। गुरुग्राम नगर निगम (MCG) कमिश्नर प्रदीप दहिया और प्रधान सलाहकार डी.एस. ढेसी की अध्यक्षता में 29 सितंबर 2026 को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस नीति के तहत वैध पीयूसी प्रमाणपत्र न होने पर वाहनों और एंड-ऑफ-लाइफ (EOL) वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जाएगा। 16 अक्टूबर से गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में ईओएल वाहनों पर विशेष रूप से प्रतिबंध रहेगा पीआईबी रिपोर्ट।
कड़ी निगरानी और डिजिटल सिस्टम
इस नियम को लागू करने के लिए एनसीआर के सभी 2,780 पेट्रोल पंपों पर ऑटोमेटेड नंबर प्लेट आइडेंटिफिकेशन (ANPI) सिस्टम और सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) ने 500 वर्ग मीटर से बड़े 1,054 प्रदूषण फैलाने वाले स्थलों को इलेक्ट्रॉनिक निगरानी में रखा है। इनमें 907 स्थानों पर वेब कैमरे और 534 स्थानों पर एयर सेंसर लगाए गए हैं। ये उपाय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के संशोधित ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत चरण-1 के अनुरूप हैं न्यूज ऑन एयर।
औद्योगिक और निर्माण कार्यों पर सख्ती
औद्योगिक नियमों को भी सख्त किया गया है जिसके तहत गुरुग्राम की 157 औद्योगिक इकाइयों को 30 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम (OCEMS) स्थापित करना होगा। इसके अलावा, धूल नियंत्रण मानकों का पालन न करने पर एचएसपीसीबी ने 34 निर्माण स्थलों को बंद करने की सिफारिश की है। गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने 1 सितंबर से 22 सितंबर 2026 के बीच 552 ईओएल वाहनों को जब्त किया है। ये कदम हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के निर्देशों के बाद उठाए गए हैं यूएनआई इंडिया।