गुरुग्राम: खुले में कचरा जलाने वालों की अब खैर नहीं, नगर निगम ने तैनात की नाइट टीमें

गुरुग्राम में बढ़ते प्रदूषण और हवा की खराब गुणवत्ता को देखते हुए नगर निगम (MCG) ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब शहर में रात के अंधेरे में चुपके से कचरा जलाने वालों की खैर नहीं होगी। गुरुग्राम कचरा जलाने पर रोक लगाने के लिए नगर निगम ने विशेष 'नाइट-टाइम एन्फोर्समेंट टीमें' तैनात की हैं, जो रात के समय अवैध रूप से कचरा जलाने वालों पर कड़ी नजर रखेंगी।
यह कार्रवाई मुख्य रूप से जोन I, IV और VI में शुरू की गई है। ये टीमें शाम 6 बजे के बाद मिलने वाली शिकायतों पर तुरंत एक्शन लेंगी। इन टीमों में सुपरवाइजर, असिस्टेंट सैनिटरी इंस्पेक्टर और हेल्पर्स शामिल हैं, जिन्हें आग बुझाने और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ चालान काटने का पूरा अधिकार दिया गया है।
सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर मिलेगी शिकायत का मौका
नगर निगम के अतिरिक्त कमिश्नर ने सभी छह जोन को निर्देश दिए हैं कि वे शिकायतों के निपटारे के लिए एक मजबूत सिस्टम बनाएं। अगर कोई भी व्यक्ति खुले में कचरा जलाता हुआ दिखता है, तो उसकी शिकायत सोशल मीडिया, व्हाट्सएप, ईमेल, टोल-फ्री नंबर या CHS पोर्टल के जरिए की जा सकती है। यह पूरी कवायद दिल्ली-NCR क्षेत्र के लिए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) द्वारा जारी निर्देशों और संशोधित ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत की जा रही है।
नियमों के मुताबिक, दिल्ली-NCR में नगर निगम के ठोस कचरे, बायोमास, प्लास्टिक, रबर या सूखे पत्तों को खुले में जलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 15 के तहत यह एक दंडनीय अपराध है, जिसके लिए दोषी पाए जाने पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
दिलचस्प बात यह है कि सर्दियों में ठंड से बचने के लिए अक्सर लोग कचरा जलाते हैं। इसे रोकने के लिए रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और हाउसिंग सोसायटियों को सलाह दी गई है कि वे अपने स्टाफ के लिए इलेक्ट्रिक हीटर या अन्य गर्म विकल्पों का इंतजाम करें, ताकि वे गर्मी के लिए कचरा न जलाएं। एक हालिया सर्वे के मुताबिक, NCR के करीब 64% लोग कचरा जलाने को मौसमी प्रदूषण का एक मुख्य कारण मानते हैं।