Gurugram Metro Update: पांच इंटरचेंज स्टेशनों से आसान होगी सफर की राह, जानें ताजा अपडेट

गुरुग्राम में ट्रैफिक को आसान बनाने के लिए 28.5 किलोमीटर लंबे गुरुग्राम मेट्रो प्रोजेक्ट (Gurugram Metro project) पर तेजी से काम चल रहा है। यह मेट्रो रूट पुराने और नए गुरुग्राम को आपस में जोड़ेगा, जिससे रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। इस प्रोजेक्ट में कुल 27 एलिवेटेड स्टेशन और एक डिपो बनाया जा रहा है, जो रेजिडेंशियल, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल एरिया जैसे उद्योग विहार और साइबर सिटी को कनेक्ट करेगा। जून 2026 तक इस पूरे प्रोजेक्ट में 3.3 प्रतिशत फिजिकल प्रोग्रेस हो चुकी है, जबकि इसके पहले चरण (मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर 9) का काम 11 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
- गुरुग्राम मेट्रो प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 28.5 किलोमीटर है जिसमें 27 एलिवेटेड स्टेशन हैं।
- जून 2026 तक प्रोजेक्ट का कुल काम 3.3% और पहले चरण का काम 11% पूरा हुआ है।
- प्रोजेक्ट की कुल संशोधित लागत अब 10,266.54 करोड़ रुपये हो गई है।
पांच प्रमुख इंटरचेंज स्टेशनों से होगी नेटवर्क कनेक्टिविटी
इस मेट्रो प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत इसके पांच रणनीतिक इंटरचेंज स्टेशन हैं, जो मिलेनियम सिटी सेंटर, सुभाष चौक, हीरो होंडा चौक, सेक्टर 5 और डीएलएफ साइबर सिटी हैं। मिलेनियम सिटी सेंटर पर दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन (Yellow Line) के साथ सीधा कनेक्शन मिलेगा, जिससे यात्रियों को मात्र 100 मीटर की दूरी तय करनी होगी। इसके अलावा, सुभाष चौक और सेक्टर 5 स्टेशन प्रस्तावित भोंडसी-रेलवे स्टेशन मेट्रो लाइन से जुड़ेंगे, जबकि हीरो होंडा चौक और डीएलएफ साइबर सिटी पर नमो भारत (Namo Bharat) रैपिड रेल नेटवर्क की सुविधा मिलेगी। इस पूरे कॉरिडोर को येलो लाइन, रैपिड मेट्रो, आरआरटीएस (RRTS), रेलवे नेटवर्क और सिटी बस सेवाओं से जोड़ा जा रहा है।
GMRL के एमडी ने की समीक्षा और डबल-डेकर प्लान
हाल ही में जीएमआरएल (GMRL) के प्रबंध निदेशक डॉ. चंद्रशेखर खरे ने ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो प्रोजेक्ट और कास्टिंग यार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान कृष्णा चौक और सेक्टर 21 के पास प्रस्तावित डबल-डेकर मेट्रो सेक्शन पर भी चर्चा हुई, जिसके लिए 1,409 करोड़ रुपये का संशोधित टेंडर विश्व बैंक (World Bank) की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। फेज-2 (सेक्टर 9 से साइबर हब) के निर्माण के लिए यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम तेजी से चल रहा है, और जुलाई 2026 के अंत तक विश्व बैंक की मंजूरी मिलने के बाद अगस्त 2026 तक सिविल कंस्ट्रक्शन का टेंडर आने की उम्मीद है। वहीं, सेक्टर 33 मेट्रो डिपो के लिए बोलियां 5 अगस्त 2026 को खोली जाएंगी।
बढ़ी हुई लागत और प्रोजेक्ट में शामिल एजेंसियां
हरियाणा कैबिनेट ने 29 मई 2026 को मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी कॉरिडोर के लिए 10,266.54 करोड़ रुपये की संशोधित लागत को मंजूरी दी है। साल 2020 में तय की गई 5,452.72 करोड़ रुपये की पुरानी लागत से यह लगभग दोगुनी है, जिसका मुख्य कारण महंगाई, जीएसटी दरें बढ़ना और एलाइनमेंट में बदलाव है। इस प्रोजेक्ट के लिए विश्व बैंक 2,688.57 करोड़ रुपये का सॉफ्ट लोन दे रहा है। यह प्रोजेक्ट भारत सरकार और हरियाणा सरकार का एक संयुक्त उपक्रम है, जिसमें डीएमआरसी (DMRC), जीएमडीए (GMDA), एचवीपीएनएल (HVPNL) और एनएचएआई (NHAI) जैसी प्रमुख एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।