गुरुग्राम: हाईकोर्ट का स्टे ऑर्डर भी बेअसर, ग्रीन बेल्ट में धड़ल्ले से बन रहा मन्नत ढाबा

गुरुग्राम के सिधरावली में मन्नत ढाबा बिना CLU और कोर्ट के स्टे ऑर्डर के बावजूद अवैध रूप से चल रहा है। जमीन मालिक ने प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप।

Kittu Kumari2 November 20262 min read0 viewsNCR
गुरुग्राम: हाईकोर्ट का स्टे ऑर्डर भी बेअसर, ग्रीन बेल्ट में धड़ल्ले से बन रहा मन्नत ढाबा

गुरुग्राम के दिल्ली-जयपुर हाईवे पर स्थित सिधरावली के पास एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां नियमों को ताक पर रखकर 'मन्नत ढाबा' का निर्माण किया जा रहा है। आरोप है कि यह ढाबा न केवल ग्रीन बेल्ट में अवैध रूप से संचालित हो रहा है, बल्कि इसके पास लैंड यूज बदलने (CLU) की कोई अनुमति भी नहीं है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के स्टे ऑर्डर के बावजूद यहां निर्माण कार्य जारी है, लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।

इस पूरे मामले को लेकर जमीन के मालिक और बोहड़ाकलां निवासी चंद्रपाल ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने एक पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि उनके परिवार की करीब 830 कनाल 15 मरला जमीन है, जिसमें से लगभग दो एकड़ हिस्से पर यह ढाबा बनाया गया है। चंद्रपाल का दावा है कि हाईकोर्ट ने 18 जनवरी 2024 को अगली सुनवाई तक यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखने का आदेश दिया था, लेकिन इस आदेश की सरेआम अवहेलना की जा रही है।

प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

पीड़ित का कहना है कि उन्होंने इस अवैध निर्माण की शिकायत जिला उपायुक्त, एसडीएम और डीटीपीई अमित मधोलिया से की, लेकिन हर बार इसे 'सिविल मामला' बताकर पल्ला झाड़ लिया गया। चंद्रपाल ने आरोप लगाया कि अधिकारी ढाबा संचालकों के पक्ष में रिपोर्ट दे रहे हैं और पुलिस जांच में शिकायतकर्ता को ही गलत ठहराया जा रहा है।

हैरानी की बात यह है कि करीब एक साल पहले डीटीपीई ने हाईवे किनारे अवैध ढाबों के खिलाफ चार हफ्ते में कार्रवाई करने का भरोसा दिया था, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ नहीं बदला। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए चंद्रपाल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के जनता दरबार में भी गुहार लगाई है, जहां से उन्हें कार्रवाई का आश्वासन मिला है। अब पीड़ित की मांग है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो और कोर्ट के आदेशों का सम्मान करते हुए अवैध निर्माण को रोका जाए।

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