गुरुग्राम: महर्षि वाल्मीकि का जीवन तपस्या और समाज सेवा की प्रेरणा, मेयर राजरानी मल्होत्रा
गुरुग्राम में जिला स्तरीय महर्षि वाल्मीकि जयंती समारोह आयोजित हुआ, जहाँ मेयर और विधायक ने उनके आदर्शों और रामायण की सीख पर चर्चा की।

गुरुग्राम में जिला प्रशासन द्वारा महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर एक भव्य जिला स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। लघु सचिवालय में आयोजित इस कार्यक्रम में शहर के विधायक मुकेश शर्मा और मेयर राजरानी मल्होत्रा ने शिरकत की। इस दौरान वक्ताओं ने आदि कवि महर्षि वाल्मीकि के जीवन, उनके आदर्शों और समाज के प्रति उनके अतुलनीय योगदान को याद किया और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
समारोह में विशिष्ट अतिथि के तौर पर पहुंचीं मेयर राजरानी मल्होत्रा ने सभी को जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन हर व्यक्ति के लिए एक मिसाल है। उन्होंने बताया कि कैसे कठोर तपस्या और ज्ञान के बल पर उन्होंने भारतीय साहित्य को रामायण जैसी अमूल्य धरोहर दी, जो आज भी हमें मर्यादा और संस्कार के साथ जीवन जीने की राह दिखाती है। मेयर ने विशेष रूप से माता सीता को आश्रम में आश्रय देने और लव-कुश को श्रेष्ठ शिक्षा व संस्कार देने के प्रसंग का जिक्र करते हुए इसे करुणा और महान व्यक्तित्व का प्रमाण बताया।
स्वच्छता कर्मचारियों के योगदान की सराहना
इस मौके पर मेयर राजरानी मल्होत्रा ने शहर को साफ-सुथरा रखने वाले स्वच्छता कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने में इन कर्मचारियों का परिश्रम और समर्पण सबसे अहम है, जिनके बिना यह संभव नहीं होता। उन्होंने सभी से महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को अपनाने और समाज सेवा की भावना को और मजबूत करने की अपील की।
वहीं, मुख्य अतिथि विधायक मुकेश शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि महर्षि वाल्मीकि केवल एक समाज के नहीं, बल्कि पूरी मानवता और सनातन समाज के प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने रामायण को भारतीय संस्कृति की वह धरोहर बताया जो पीढ़ियों से हमें त्याग, कर्तव्य और सदाचार की शिक्षा दे रही है।
कार्यक्रम में नगर पालिका संघ के पूर्व प्रदेश प्रमुख बसंत कुमार, पूर्व जिला प्रमुख राजेश कुमार, एसडीएम संजीव सिंगला और संयुक्त निगम आयुक्त प्रीतपाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और भाजपा नेता मौजूद रहे।