गुरुग्राम: लोन दिलाने के नाम पर 1.95 लाख की ठगी, उत्तराखंड से दो आरोपी गिरफ्तार
गुरुग्राम पुलिस ने लोन दिलाने के नाम पर 1.95 लाख की ठगी मामले में उत्तराखंड से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गुरुग्राम की साइबर क्राइम पुलिस ने लोन के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में उन दो लोगों को उत्तराखंड से गिरफ्तार किया है, जिन्होंने ठगी की रकम जमा कराने के लिए अपना बैंक खाता साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया था। यह पूरी साजिश एक व्यक्ति को लोन दिलाने का झांसा देकर शुरू हुई थी, जिसमें करीब 1.95 लाख रुपये की चपत लगाई गई।
मामला तब सामने आया जब 24 अगस्त को मानेसर के साइबर अपराध थाने में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित का आरोप था कि एक व्यक्ति ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर उससे संपर्क किया और लोन दिलाने का वादा किया। लोन प्रोसेसिंग फीस और फाइल चार्ज जैसे विभिन्न शुल्कों के नाम पर ठग ने पीड़ित से कुल 1,95,662 रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए। जैसे ही पैसे ट्रांसफर हुए, आरोपी ने फोन बंद कर लिया और पीड़ित से संपर्क तोड़ दिया।
बैंक खाता बेचकर साइबर ठगों की मदद कर रहे थे आरोपी
पुलिस ने जब मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक खातों की जांच (ट्रेल) शुरू की, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि ठगी की रकम जिस खाते में गई थी, वह खाता साइबर ठगों को बेचा गया था। इसी कड़ी में कार्रवाई करते हुए मानेसर साइबर क्राइम टीम ने 29 अक्टूबर को उत्तराखंड के हरिद्वार से दो आरोपियों को दबोचा, जिनकी पहचान शिवम और अनमोल के रूप में हुई है।
पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि जिस खाते का इस्तेमाल ठगी के लिए किया गया था, वह अनमोल के नाम पर था। अनमोल ने अपना यह बैंक खाता अपने साथी शिवम को बेच दिया था, जिसने आगे इसे साइबर ठग गिरोह को उपलब्ध कराया। अब पुलिस इन दोनों आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उन्होंने अब तक कितने और खाते अपराधियों को बेचे हैं और इस खेल के पीछे मुख्य मास्टरमाइंड कौन है।