गुरुग्राम-झज्जर के बीच बनेगा 33 किमी लंबा 6-लेन हाईवे, NHAI कर रहा रूट का सर्वे

Kittu Kumari17 October 20262 min read0 viewsNCR
गुरुग्राम-झज्जर के बीच बनेगा 33 किमी लंबा 6-लेन हाईवे, NHAI कर रहा रूट का सर्वे

गुरुग्राम और झज्जर के बीच सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) अब इन दोनों शहरों को जोड़ने के लिए एक नए 33 किलोमीटर लंबे छह-लेन हाईवे की योजना पर काम कर रहा है। गुरुग्राम-झज्जर हाईवे प्रोजेक्ट का मकसद न केवल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है, बल्कि सफर के समय को भी काफी कम करना है। इस प्रोजेक्ट की घोषणा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य बजट के दौरान की थी।

यह नया कॉरिडोर गुरुग्राम-पतोदी रोड (NH-352W) पर वज़ीरपुर स्थित हरसुरु बाईपास को झज्जर के NH-352 से जोड़ेगा। NHAI की एक कमेटी फिलहाल तीन अलग-अलग रूट विकल्पों (Alignments) की जांच कर रही है। इसमें पुराने रास्तों को चौड़ा करने और बिल्कुल नए ग्रीनफील्ड हाईवे बनाने के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 3,000 करोड़ से 4,000 करोड़ रुपये तक का खर्च आने का अनुमान है, जो अंतिम रूट के चयन के बाद तय होगा।

सफर होगा आसान, बचेगा समय

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

इस हाईवे के बनने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लोगों को फर्रुखनगर जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों से नहीं गुजरना पड़ेगा, जिससे यात्रा का समय घटकर महज 30 मिनट रह जाएगा। साथ ही, यह प्रोजेक्ट द्वारका एक्सप्रेसवे तक पहुंच को भी आसान बनाएगा। NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर योगेश तिलक के मुताबिक, जैसे ही कमेटी रूट को मंजूरी देगी, तुरंत डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी। काम शुरू होने के बाद इसे पूरा करने में लगभग 30 महीने का समय लगेगा।

रूट तय करते समय NHAI कई अहम पहलुओं पर गौर कर रहा है, जिनमें जमीन अधिग्रहण, पर्यावरण पर असर, रिहायशी इलाके, रेलवे क्रॉसिंग और नहरों की मौजूदगी शामिल है। इसके अलावा, इलाके में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अन्य काम भी चल रहे हैं। गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) ने न्यू गुरुग्राम में सेक्टर 99/102 की मास्टर रोड सहित दो प्रमुख सड़कों के अपग्रेडेशन के लिए टेंडर जारी किए हैं, जिस पर 13.97 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने के लिए दिल्ली मास्टर प्लान 2047 के तहत द्वारका से एम्स (AIIMS) झज्जर तक एक रणनीतिक लिंक बनाने की योजना है। साथ ही, हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है, जिससे आने वाले समय में पूरे एनसीआर का ट्रांसपोर्ट सिस्टम पूरी तरह बदल जाएगा।

Share:

Comments

Leave a comment