विकसित भारत-2047 का संकल्प: गुरुग्राम में उद्योग जगत की भूमिका पर जोर, राव नरबीर सिंह ने की कार्यशाला की शुरुआत
हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने गुरुग्राम में एफटीए कार्यशाला का शुभारंभ किया, लक्ष्य है प्रदेश के निर्यात को दोगुना करना।

हरियाणा सरकार प्रदेश के उत्पादों को दुनिया भर के बाजारों तक पहुंचाने और निर्यात को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी कर रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को गुरुग्राम के होटल ग्रैंड हयात में 'लेवरेजिंग एफटीए-आउटरीच प्रोग्राम' के तहत एक राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने किया, जहाँ उन्होंने विकसित भारत-2047 के संकल्प को पूरा करने में उद्योग जगत की महत्वपूर्ण भागीदारी पर जोर दिया।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य हरियाणा के उद्योगों, एमएसएमई (MSME) और निर्यातकों को भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) के जरिए वैश्विक बाजार में मिलने वाले अवसरों से अवगत कराना था। कार्यक्रम के दौरान इस बात पर विस्तृत चर्चा हुई कि किन रणनीतियों के माध्यम से निर्यात का विस्तार किया जा सकता है। खास बात यह है कि नई नीति तैयार करने में उद्योगपतियों के सुझावों का पूरा ख्याल रखा गया है और 70 प्रतिशत से अधिक सुझावों को इसमें शामिल किया गया है।
निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो संदेश के माध्यम से प्रदेश के विजन को साझा किया। उन्होंने लक्ष्य रखा कि अगले पांच वर्षों के भीतर हरियाणा के निर्यात को दोगुना किया जाएगा। यह कार्यशाला हरियाणा सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) निदेशालय द्वारा भारत सरकार के वाणिज्य विभाग, विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) और इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (ITPO) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई थी।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर सोहना के विधायक तेजपाल तंवर, वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव नितिन कुमार यादव, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव डॉ. अमित के. अग्रवाल और गुरुग्राम के डिविजनल कमिश्नर रवि प्रकाश गुप्ता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और व्यापार विशेषज्ञ मौजूद रहे। कार्यक्रम में एचएसआईआईडीसी के एमडी विनय प्रताप सिंह और महानिदेशक डॉ. यश गर्ग ने भी शिरकत की, जहाँ औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने वैश्विक व्यापार की संभावनाओं पर मंथन किया।