गुरुग्राम में FDA का एक्शन: मिसब्रांडिंग के शक में 9 फूड प्रोडक्ट्स जब्त, कंपनी को नोटिस
हरियाणा FDA ने गुरुग्राम की एक कंपनी पर छापा मारकर 9 फूड प्रोडक्ट्स को मिसब्रांडिंग के शक में पकड़ा है। जानें क्या है पूरा मामला।

हरियाणा के गुरुग्राम में स्वास्थ्य और सुरक्षा के दावों के नाम पर ग्राहकों को गुमराह करने वाली एक कंपनी पर हरियाणा फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। फाजिलपुर झरसा इलाके में स्थित एक फर्म पर गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को अचानक छापेमारी की गई, जिसमें गुरुग्राम फूड मिसब्रांडिंग रेड के दौरान नौ खाद्य उत्पादों को संदिग्ध पाया गया है। यह पूरी कार्रवाई FDA हरियाणा कमिश्नर डॉ. मनोज यादव के निर्देशों के तहत की गई।
छापेमारी के दौरान टीम में सीनियर ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर, गुरुग्राम के ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर और खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. दीपक शामिल थे। जांच में यह बात सामने आई कि कंपनी अपने प्रोडक्ट्स के बारे में ऐसे दावे कर रही थी जो पोषण संबंधी सहायता की सीमा से कहीं अधिक थे। आरोप है कि कंपनी ने अपने उत्पादों को नसों की मरम्मत (nerve repair) और COPD जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज या रोकथाम में सक्षम बताया था, जो कि नियमों के खिलाफ है।
वैज्ञानिक सबूत नहीं दे पाई कंपनी, रिकॉर्ड जब्त
जब अधिकारियों ने इन दावों के समर्थन में वैज्ञानिक प्रमाण या जरूरी रेगुलेटरी दस्तावेज मांगे, तो कंपनी का प्रतिनिधि उन्हें पेश करने में पूरी तरह नाकाम रहा। इसके बाद अधिकारियों ने मौके पर कड़ा रुख अपनाते हुए निम्नलिखित कदम उठाए:
- कुल 9 फूड सैंपल्स और 9 कॉस्मेटिक सैंपल्स को गहन जांच और विश्लेषण के लिए जब्त किया गया।
- कंपनी के महत्वपूर्ण कॉर्पोरेट रिकॉर्ड्स जैसे FSSAI लाइसेंस, GST सर्टिफिकेट और इनकॉरपोरेशन सर्टिफिकेट को जब्त किया गया।
- फर्म के वर्तमान निदेशकों की पहचान करने वाले दस्तावेजों को भी कब्जे में लिया गया।
FDA ने इस मामले में कंपनी को औपचारिक रूप से 'कारण बताओ नोटिस' (show-cause notice) जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि कंपनी के जवाब और लैब टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। यह पूरी जांच फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट 2006 और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 के प्रावधानों के तहत की जा रही है।