गुरुग्राम: गंदगी और प्रदूषण फैलाने वालों पर नगर निगम सख्त, लगाया 2.61 करोड़ का जुर्माना

मिलिटरी सिटी और कॉर्पोरेट हब माने जाने वाले गुरुग्राम में अब गंदगी फैलाने वालों की खैर नहीं है। नगर निगम गुरुग्राम ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त करने और पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया है। इस कड़ी कार्रवाई के तहत निगम ने अब तक कुल 13,179 चालान काटकर 2 करोड़ 61 लाख 24 हजार 500 रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है।
प्लास्टिक और मलबे पर सबसे ज्यादा सख्ती
नगर निगम की इस कार्रवाई में सबसे ज्यादा निशाना प्रतिबंधित प्लास्टिक का इस्तेमाल करने वाले लोग बने हैं। प्लास्टिक के उपयोग के खिलाफ 8,231 चालान किए गए, जिनसे 59.82 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। वहीं, निर्माण और विध्वंस सामग्री (C&D वेस्ट) को सड़कों किनारे या खाली प्लॉटों में फेंकने वालों पर भी निगम ने सख्ती दिखाई। ऐसे 412 मामलों में 91.85 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए धूल नियंत्रण नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ 99 चालान कर 24.75 लाख रुपये का जुर्माना किया गया। इसके अलावा, निर्माण सामग्री को बिना ढके ले जाने वाले वाहनों पर भी 10.40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
निगम ने अन्य स्वच्छता उल्लंघनों पर भी पैनी नजर रखी है:
- कचरा डंपिंग: स्टॉर्म ड्रेन में अवैध कनेक्शन और कचरा फैलाने के 384 मामलों में 36.50 लाख रुपये का जुर्माना।
- कूड़ेदान की कमी: सार्वजनिक स्थानों पर डस्टबिन न होने के 2,951 मामलों में 14.75 लाख रुपये का जुर्माना।
- कचरा जलाना: प्रदूषण बढ़ाने के लिए कचरा जलाने वालों पर 3.20 लाख रुपये का जुर्माना।
- सार्वजनिक स्वच्छता: खुले में शौच और पेशाब करने वालों के खिलाफ भी चालान किए गए हैं।
इसके अलावा, पानी की बर्बादी, पशु गोबर फैलाने और अवैध विज्ञापन चिपकाने जैसे मामलों में भी जुर्माना लगाया गया है। नगर निगम की इस मुहिम का मकसद शहरवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और गुरुग्राम को प्रदूषण मुक्त बनाना है।