गुरुग्राम में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल, बिजली-पानी और इंटरनेट ठप

हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल से गुरुग्राम में बिजली, पानी और वाईफाई ठप। जानें क्या है पूरा मामला।

Kittu Kumari22 October 20262 min read0 viewsNCR
गुरुग्राम में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल, बिजली-पानी और इंटरनेट ठप

गुरुग्राम के निवासियों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के कारण शहर के कई इलाकों में बिजली, पानी और वाईफाई की सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं। 22 अक्टूबर 2026 से शुरू हुई यह हड़ताल 24 अक्टूबर तक चलने वाली है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

यह पूरा विवाद हरियाणा बिजली नियामक आयोग (HERC) के एक फैसले से शुरू हुआ है। आयोग ने गुरुग्राम और नूह जिलों के लिए 'इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड' को 25 साल का पैरेलल बिजली वितरण लाइसेंस दे दिया है। इस फैसले के बाद हरियाणा बिजली कर्मचारी और इंजीनियर संयुक्त मोर्चे ने मोर्चा खोल दिया है। बिजली अधिनियम 2003 की धारा 14 के तहत दिए गए इस लाइसेंस के कारण क्षेत्र के करीब 8.3 लाख उपभोक्ताओं को निजी कंपनी और सरकारी वितरण कंपनियों के बीच चुनाव करने का मौका मिलेगा, जिसका कर्मचारी यूनियन कड़ा विरोध कर रहे हैं।

सरकार की कोशिशें और संकट प्रबंधन

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हड़ताल के चलते उप-मंडलीय, मंडल और सर्कल बिजली कार्यालय बंद हो गए हैं। स्थिति को संभालने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया है कि राज्य सरकार इस फैसले को अपीलीय विद्युत न्यायाधिकरण (APTEL) में चुनौती देगी। वहीं, बिजली मंत्री अनिल विज ने स्पष्ट किया है कि सरकार इस लाइसेंस के कार्यान्वयन पर अंतरिम रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाने को तैयार है।

संकट की इस घड़ी में सरकार ने कुछ जरूरी कदम उठाए हैं:

  • अस्पतालों, पानी की आपूर्ति और मेट्रो संचालन जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए निर्बाध बिजली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • बिजली विभाग के आवश्यक कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है।
  • सरकार ने बातचीत की कोशिश की, लेकिन कर्मचारी यूनियनों ने समय की कमी और नेतृत्व की स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए मंत्री अनिल विज की बैठक से इनकार कर दिया।

गौरतलब है कि इस विरोध प्रदर्शन को अखिल भारतीय पावर इंजीनियर्स फेडरेशन और इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया जैसे राष्ट्रीय संगठनों का भी समर्थन प्राप्त है, जिससे यह आंदोलन और अधिक मजबूत हो गया है।

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