गुरुग्राम: दिवाली पर केवल ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति, तय समय सीमा का करना होगा पालन
गुरुग्राम में दिवाली पर केवल ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति है। जानें किन समय पर पटाखे जला सकते हैं और कहां है पूरी तरह प्रतिबंध।

NCR के गुरुग्राम जिले में इस बार दिवाली का जश्न सावधानी और नियमों के साथ मनाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों का पालन करते हुए जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि शहर में केवल गुरुग्राम ग्रीन पटाखे (नीरी प्रमाणित) ही बेचे और जलाए जा सकेंगे। प्रशासन ने इसके लिए समय की एक सख्त समय-सीमा तय की है, ताकि प्रदूषण और शोर से लोगों को बचाया जा सके।
उपायुक्त उत्तम सिंह ने बताया कि केवल उन्हीं पटाखों की बिक्री की अनुमति है जो नीरी (NEERI) की वेबसाइट से प्रमाणित हैं। व्यापारियों के लाइसेंस 4 नवंबर से 6 नवंबर तक अस्थायी रूप से बहाल किए गए हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नागरिक 7 और 8 नवंबर को केवल दो समय स्लॉट में ही पटाखे जला पाएंगे: सुबह 6 बजे से 7 बजे तक और रात 8 बजे से 10 बजे तक। 9 नवंबर से पटाखों पर फिर से पूर्ण प्रतिबंध लागू हो जाएगा।
इन जगहों पर पटाखे जलाना होगा सख्त मना
प्रशासन ने कुछ संवेदनशील इलाकों को 'नो क्रैकर जोन' घोषित किया है। नियमों के मुताबिक निम्नलिखित स्थानों के 300 मीटर के दायरे में पटाखे चलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी:
- अस्पताल, नर्सिंग होम और जिला स्वास्थ्य केंद्र।
- वृद्धाश्रम और अधिसूचित साइलेंस जोन।
- सभी शिक्षण संस्थान।
डीसी ने स्पष्ट किया कि यह कदम बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को वायु और ध्वनि प्रदूषण से बचाने के लिए उठाया गया है। पटाखों की बिक्री केवल जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक द्वारा तय किए गए निर्दिष्ट स्थानों पर ही होगी।
नियमों की निगरानी के लिए जिला और खंड स्तर पर टीमें बनाई गई हैं, जिनमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी भी शामिल होंगे। गश्ती दल पटाखों के नमूने लेंगे और उन्हें जांच के लिए पीईएसओ (PESO) भेजा जाएगा। यदि कोई भी व्यक्ति बेरियम युक्त या गैर-प्रमाणित पटाखे बेचते या चलाते पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।