गुरुग्राम में इन्वेस्टमेंट के नाम पर 13.80 करोड़ की ठगी, पांच आरोपी गिरफ्तार

Kittu Kumari25 August 20262 min read186 viewsNCR
गुरुग्राम में इन्वेस्टमेंट के नाम पर 13.80 करोड़ की ठगी, पांच आरोपी गिरफ्तार

गुरुग्राम में इन्वेस्टमेंट के नाम पर 13 करोड़ 80 लाख रुपये की बड़ी साइबर ठगी के मामले में पुलिस की स्पेशल साइबर क्राइम यूनिट सेक्टर-56 ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। - चीनी ठगों से टेलीग्राम पर जुड़ा था नेटवर्क। - इस केस में अब तक 40 आरोपी किए जा चुके हैं गिरफ्तार। - पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने मंगलवार को जानकारी दी कि ये सभी आरोपी चीनी साइबर फ्रॉड गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे और टेलीग्राम के जरिए पूरा नेटवर्क चलाते थे।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम और ठिकाने

पुलिस के अनुसार चार नवंबर 2024 को साइबर क्राइम थाना पूर्व में शिकायत मिली थी कि इन्वेस्टमेंट के नाम पर करीब 13.80 करोड़ रुपये ठगे गए हैं। मामले की जांच स्पेशल साइबर क्राइम यूनिट कर रही है। तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रेल के आधार पर पुलिस ने आरोपी नीरज को दिल्ली से, सूरज सरोज को देहरादून से, सुरजीत कुमार को शिमला से तथा प्रशांत शर्मा और तेज प्रताप सिंह शेखावत को देहरादून/शिमला क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान नीरज पुत्र सूबेदार स्वरूप विहार दिल्ली, सूरज सरोज पुत्र मनीराम आजमगढ़ यूपी, सुरजीत कुमार, प्रशांत शर्मा, तेज प्रताप सिंह शेखावत निवासी जयपुर के रूप में हुई हैं। नीरज को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था।

बैंक खातों की खरीद-फरोख्त और चीनी ठगों से कनेक्शन

जांच में सामने आया कि ठगी की रकम में से करीब पांच लाख रुपये गुप्ता इंडस्ट्रीज नाम के करंट अकाउंट में ट्रांसफर हुए थे। पूछताछ में चेन का खुलासा हुआ कि निखिल गुप्ता ने अपना खाता मनजीत ददयान को 50 हजार में बेचा। मनजीत ने नीरज को 60 हजार में बेचा। नीरज ने सूरज के जरिए सुरजीत को 90 हजार में बेचा। सुरजीत कुमार टेलीग्राम के माध्यम से चीनी साइबर फ्रॉड करने वाले लोगों से जुड़ा था। उसे जाय नाम के व्यक्ति ने अलग-अलग टेलीग्राम ग्रुपों में जोड़ा था। वह ग्रुपों में बैंक खातों की डिटेल शेयर करता था और इसके बदले क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से भुगतान लेता था, जिसे बाद में उसके साथी अलग-अलग जगहों से कैश में निकालते थे।

बरामदगी और आगे की कानूनी कार्रवाई

सुरजीत अपने साथी सूरज, प्रशांत और तेज प्रताप के साथ मिलकर ठगों को खाते सप्लाई करता था। इन्हीं खातों में ठगी की रकम ली जाती और आगे ट्रांसफर की जाती थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनका तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। सूरज सरोज और सुरजीत को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जबकि बाकी तीन को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। इस केस में अब तक कुल 40 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस नेटवर्क के अन्य लिंक और पैसों के लेन-देन की जांच कर रही है।

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