गुरुग्राम में 13.80 करोड़ रुपये के चीनी साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का पर्दाफाश, पांच गिरफ्तार

हरियाणा पुलिस ने 13.80 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। यह मामला एक पीड़ित से निवेश योजना के नाम पर ठगी करने से जुड़ा है। इस संबंध में 4 नवंबर 2024 को गुरुग्राम के साइबर क्राइम ईस्ट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। यह पूरा नेटवर्क टेलीग्राम के जरिए संचालित चीनी साइबर ठगों से जुड़ा हुआ है। इस मामले की विस्तृत जानकारी यूएनआई इंडिया की रिपोर्ट में दी गई है।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
सिंडिकेट की जांच के बाद 21 अगस्त 2026 को दिल्ली से नीरज को गिरफ्तार किया गया और उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया। इसके बाद 22 अगस्त 2026 को देहरादून-शिमला क्षेत्र से चार अन्य संदिग्धों सूरज सरोज, सुरजीत कुमार (मानस), प्रशांत शर्मा और तेज प्रताप सिंह शेखावत को हिरासत में लिया गया। गिरफ्तारी के बाद नीरज, प्रशांत शर्मा और तेज प्रताप सिंह शेखावत को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि सूरज सरोज और सुरजीत कुमार को एक दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया।
बैंक खातों और क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल
हरियाणा पुलिस के प्रवक्ता के अनुसार, आरोपी सिंडिकेट के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने और अवैध रकम को आगे भेजने का काम करते थे। जांचकर्ताओं ने पाया कि सुरजीत कुमार टेलीग्राम पर 'जॉय' नामक व्यक्ति के संपर्क में था। सुरजीत बैंक खाते की जानकारी साझा कर क्रिप्टोकरेंसी और बाइनेंस के जरिए भुगतान प्राप्त करता था। गुप्ता इंडस्ट्रीज के खाते का इस्तेमाल लगभग 5 लाख रुपये ट्रांसफर करने के लिए किया गया। आरोपी निखिल गुप्ता ने यह खाता 50,000 रुपये में बेचा था, जिसे बाद में मंजीत ड्डियान, नीरज और सूरज की श्रृंखला से होते हुए सुरजीत तक पहुंचाया गया। पुलिस इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रेल की जांच कर रही है।