गुरुग्राम: लॉरेंस गैंग के कुख्यात बदमाश अंकित धोलिया को मिली जमानत

Kittu Kumari18 October 20262 min read0 viewsNCR
गुरुग्राम: लॉरेंस गैंग के कुख्यात बदमाश अंकित धोलिया को मिली जमानत

लॉरेंस गैंग के नाम पर व्यापारियों से रंगदारी वसूलने और अवैध हथियारों के मामले में फंसे चरखी दादरी के कुख्यात बदमाश अंकित उर्फ धोलिया को बड़ी राहत मिली है। गुरुग्राम की एक अदालत ने उसे जमानत देने का फैसला सुनाया है। अंकित पिछले करीब डेढ़ साल से जेल की सलाखों के पीछे था, लेकिन अब वह एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर रिहा होगा।

एडिशनल सेशन जज सुदीप गोयल की कोर्ट ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि इस मामले के 25 से ज्यादा सह-आरोपी पहले ही हाईकोर्ट और स्थानीय अदालतों से जमानत पा चुके हैं। ऐसे में समानता के आधार पर धोलिया को भी जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए। रविवार को जब इस फैसले की जानकारी सामने आई, तो यह चर्चा का विषय बन गया क्योंकि धोलिया पर गंभीर आरोप हैं।

अपराधों का लंबा इतिहास और कोर्ट की दलीलें

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अंकित उर्फ धोलिया चरखी दादरी के बाढड़ा इलाके के गांव डांडमा का निवासी है। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट समेत 20 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। इतना ही नहीं, उसने जमीन विवाद में अपने सगे चाचा की हत्या भी की थी। पुलिस का दावा है कि धोलिया विदेश में बैठे लॉरेंस के भतीजे अक्षय के सीधे संपर्क में था और गैंग के लिए काम कर रहा था।

इस पूरे मामले में रोहित गोदारा, नवीन बॉक्सर और लिपन नेहरा जैसे बड़े गैंगस्टरों पर आरोप है कि वे जेल और विदेश से वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम के जरिए नेटवर्क चला रहे थे। इनका मकसद गुरुग्राम के व्यापारियों को डरा-धमकाकर करोड़ों की रंगदारी वसूलना था।

अदालत में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील अनीता चौधरी ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि आरोपी बेहद खतरनाक है और बाहर आने पर वह गवाहों को डरा सकता है या उन्हें प्रभावित कर सकता है। हालांकि, आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि धोलिया से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है और उसका नाम केवल सह-आरोपियों के बयानों के आधार पर आया है।

कोर्ट ने पाया कि मामले का चालान पेश हो चुका है लेकिन ट्रायल शुरू होने में अभी लंबा समय लगेगा। हाईकोर्ट द्वारा अन्य सह-आरोपियों को दी गई जमानत का हवाला देते हुए कोर्ट ने शर्त रखी कि धोलिया किसी गवाह को धमकाएगा नहीं और हर पेशी पर अदालत में हाजिर होगा। यदि वह किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है, तो वह जल्द ही जेल से बाहर आ जाएगा।

Share:

Comments

Leave a comment