गुरुग्राम में मुख्यमंत्री के काफिले को काले झंडे दिखाने पर आठ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसे लोकतंत्र के इतिहास का काला दिवस बताया है। इस खबर के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं: मुख्यमंत्री के काफिले को काले झंडे दिखाने पर आठ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी, शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर गैर-जमानती धाराएं लगाना, और कांग्रेस द्वारा सड़क से सदन तक संघर्ष करने की चेतावनी।
शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन इस अधिकार का इस्तेमाल करने वालों पर
गैर-जमानती धाराएं लगाकर गिरफ्तार करना लोकतंत्र पर हमला है।
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि
सरकार अपनी नाकामियों और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ उठ रही आवाज को पुलिस के बल पर दबा रही है। लोकतंत्र में
जनता और विपक्ष की आवाज सुनना सरकार की जिम्मेदारी है, न कि विरोध करने वालों को जेल में डालना।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इस बर्बर कार्रवाई को कदापि सहन नहीं करेगी। यदि
शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा नहीं किया गया और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो
कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी। जब तक कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को न्याय नहीं मिलता,
प्रदेश कांग्रेस चैन से नहीं बैठेगी और
इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से उठाएगी।
गुरुग्राम प्रशासन को भी नसीहत दी गई कि सत्ता के दबाव में विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश
लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है। इस दौरान विधायक इंदुराज नरवाल, विधायक रघुवीर सिंह तेवतिया, पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया, सीमा पाहुजा, प्रदेश प्रवक्ता सुखबीर तंवर, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अनिल धानक, अमित यादव, सुबे सिंह एडवोकेट, पंकज भारद्वाज, शैलजा भाटिया, सीमा हुड्डा सहित
सैकड़ों कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।