गुरुग्राम: दिल्ली बॉर्डर पर पुलिस ने रोका तो पैदल ही रैली में चल दिए कांग्रेसी
दिल्ली में लोकतंत्र बचाओ रैली में शामिल होने जा रहे गुरुग्राम के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बॉर्डर पर रोका, जिसके बाद कार्यकर्ता पैदल ही चल दिए।

दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ' रैली में शामिल होने के लिए जब गुरुग्राम से हजारों कार्यकर्ताओं का काफिला निकला, तो उन्हें पुलिस की भारी घेराबंदी का सामना करना पड़ा। गुरुग्राम-दिल्ली बॉर्डर पर पुलिस ने जब बसों और गाड़ियों को रोक दिया, तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हार मानने के बजाय पैदल ही दिल्ली की ओर कूच करना शुरू कर दिया। हाथों में झंडे लिए कार्यकर्ताओं का यह जज्बा देखकर पुलिस भी हैरान रह गई।
यह पूरा सिलसिला सेक्टर-29 स्थित लेजरवैली मैदान से शुरू हुआ, जहां से कार्यकर्ताओं का जत्था रवाना हुआ था। इस मौके पर पूर्व सांसद राज बब्बर और पूर्व सांसद व रैली के गुरुग्राम प्रभारी धर्मपाल मलिक भी मौजूद रहे, जिन्होंने कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया। जिला अध्यक्ष (शहरी) पंकज डावर और जिला अध्यक्ष (ग्रामीण) वर्धन यादव के नेतृत्व में यह काफिला दिल्ली के लिए निकला था।
पुलिस की कार्रवाई और कार्यकर्ताओं का आक्रोश
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पुलिस ने जानबूझकर उनके काफिले को बॉर्डर पर रोकने की कोशिश की और कार्यकर्ताओं के साथ झड़प भी हुई। जिला अध्यक्ष पंकज डावर ने इसे सरकार की 'बौखलाहट' और 'तानाशाही' करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार डर गई है, इसीलिए कार्यकर्ताओं को रैली में जाने से रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन कार्यकर्ताओं के मजबूत इरादों के आगे पुलिस को पीछे हटना पड़ा।
वहीं, जिला अध्यक्ष वर्धन यादव ने कहा कि पुलिस लगाकर कार्यकर्ताओं को रोका जा सकता है, लेकिन जनता के मन में महंगाई, बेरोजगारी और तानाशाही के खिलाफ जो आक्रोश है, उसे नहीं रोका जा सकता। हालांकि, कुछ समय बाद गाड़ियां बॉर्डर पार कर पाईं और कार्यकर्ता दोबारा उनमें सवार होकर रैली स्थल तक पहुंचे।