गुरुग्राम: सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए अब रोजाना फील्ड में उतरेंगे निगम अधिकारी

गुरुग्राम शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए नगर निगम ने एक सख्त कदम उठाया है। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने सभी अतिरिक्त निगमायुक्त और संयुक्त आयुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे अब रोजाना सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक फील्ड में मौजूद रहकर सफाई व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण करेंगे। इस पहल का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि शहर के हर कोने में स्वच्छता बनी रहे और शिकायतों का तुरंत निवारण हो सके।
सोमवार को इस अभियान की शुरुआत करते हुए अतिरिक्त निगमायुक्त अंकिता चौधरी, रविन्द्र यादव, डॉ. जयवीर यादव, कुशल कटारिया और संयुक्त आयुक्त डॉ. नरेश कुमार, रविन्द्र मलिक व डॉ. आशीष सिंगला ने अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा किया। अधिकारियों ने मुख्य रूप से गार्बेज वर्नेबल प्वाइंट्स (GVP) की जांच की और वहां से कचरा उठाने की स्थिति का जायजा लिया।
कचरा हटाने के बाद चूना डालना अनिवार्य, प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष नजर
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सफाई टीमों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जीवीपी (GVP) की नियमित और पर्याप्त सफाई सुनिश्चित की जाए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कचरा उठाने के बाद उस जगह पर चूना डालना अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि वहां दोबारा कचरा जमा न हो और वह स्थान साफ-सुथरा नजर आए।
इसके अलावा, निगमायुक्त ने शहर के कुछ खास इलाकों जैसे दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेस-वे और सेक्टर-29 व उसके आसपास के क्षेत्रों के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं। इन प्रमुख प्रवेश द्वारों और सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी तरह का सीएंडडी वेस्ट (मलबा), बागवानी का कचरा या अन्य गंदगी नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों को इन क्षेत्रों की नियमित निगरानी करने और कचरा दिखने पर उसे तुरंत हटवाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नगर निगम केवल प्रशासनिक कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जनभागीदारी को भी बढ़ावा दे रहा है। सोमवार को शिवजी पार्क और वार्ड-35 जैसे क्षेत्रों में डिप्टी मेयर धर्मबीर भांगरोला, निगम पार्षद परमिन्द्र कटारिया और स्थानीय निवासियों ने मिलकर श्रमदान किया और स्वच्छता अभियान चलाया, ताकि सफाई को एक जनआंदोलन बनाया जा सके।