गुरुग्राम में चीन से रिश्ते सुधरने पर वीजा, उड़ान और सप्लाई चेन की दिक्कतें होंगी कम

Kittu Kumari26 August 20261 min read124 viewsNCR
गुरुग्राम में चीन से रिश्ते सुधरने पर वीजा, उड़ान और सप्लाई चेन की दिक्कतें होंगी कम

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की चीन यात्रा को भारत की बदलती आर्थिक और कूटनीतिक रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन दीपक मैनी ने कहा कि भारत रूस, चीन और जापान के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में मजबूत रिश्ते बनाकर संतुलन तैयार कर रहा है। ग्लोबल कंपनियों को नया प्लेटफॉर्म मिल सकता है और मैन्युफैक्चरिंग तथा कारोबार को रफ्तार मिलेगी।

चीन और रूस के साथ व्यापारिक रिश्ते

चीन के साथ संबंधों में सुधार का सबसे बड़ा फायदा कारोबार के माहौल पर पड़ेगा। सीमा पर लंबे समय तक शांति रहने से व्यापारिक गतिविधियों को स्थिरता मिलेगी। वीजा, सीधी उड़ानों, सप्लाई चेन और कारोबारी आवाजाही से जुड़ी अड़चनें कम होने पर भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय कारोबार में फायदा होगा। इससे मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो कंपोनेंट, मशीनरी और टेक्नोलॉजी सेक्टर को गति मिलेगी। रूस के साथ ऊर्जा सहयोग से कच्चे तेल और अन्य ऊर्जा संसाधनों की बेहतर उपलब्धता से परिवहन और मैन्युफैक्चरिंग लागत को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

जापान का निवेश और गुरुग्राम पर असर

जापान के साथ भारत के संबंधों में निवेश और तकनीक सबसे बड़ा अवसर हैं। सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग में जापानी कंपनियों की भागीदारी से भारत में नई उत्पादन क्षमता विकसित होगी। हरियाणा इस रणनीति का बड़ा लाभार्थी बन सकता है क्योंकि गुरुग्राम-मानेसर पहले से ऑटोमोबाइल, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग सेक्टर का बड़ा केंद्र है। गुरुग्राम की इंटरनैशनल कनेक्टिविटी और कॉरपोरेट इकोसिस्टम इसे विदेशी निवेश के लिए मजबूत बनाते हैं।

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel
Share:

Comments

Leave a comment