गुरुग्राम में बिल्डिंग प्लान आवेदन के साथ देनी होगी सीएंडडी वेस्ट की जानकारी

Kittu Kumari22 September 20261 min read0 viewsNCR
गुरुग्राम में बिल्डिंग प्लान आवेदन के साथ देनी होगी सीएंडडी वेस्ट की जानकारी

नगर निगम गुरुग्राम ने शहर में निर्माण एवं तोडफ़ोड़ वेस्ट (सीएंडडी वेस्ट) के बेहतर प्रबंधन के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। इन नए नियमों का उद्देश्य सीएंडडी वेस्ट के संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण और उपयोग को बेहतर बनाना है। यह आदेश पर्यावरण प्रबंधन नियम 2025, हरियाणा सीएंडडी वेस्ट मैनेजमेंट पॉलिसी 2019 और सीएक्यूएम के दिशा-निर्देशों के अनुसार लागू किए गए हैं।

बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए नए नियम

200 वर्गमीटर या उससे अधिक प्लॉट एरिया वाले ऐसे प्रोजेक्ट जिनमें निर्माण से पहले विध्वंस होना है, उनके लिए स्पष्ट प्रक्रिया तय की गई है। आवेदक को बिल्डिंग प्लान की मंजूरी के समय ही डिमोलिशन वेस्ट की अनुमानित मात्रा बतानी होगी। निर्माण शुरू करने से पहले वेस्ट को एमसीजी की अधिकृत प्रोसेसिंग फैसिलिटी या कलेक्शन प्वाइंट पर जमा करना जरूरी है। इसकी रसीद और प्रमाण के सत्यापन के बाद ही ऑक्यूपेंसी व कंप्लीशन सर्टिफिकेट मिलेगा। 20,000 वर्गमीटर या उससे अधिक बिल्ट-अप एरिया वाले प्रोजेक्ट्स को इंटीग्रेटेड वेस्ट मैनेजमेंट प्लान एमसीजी पोर्टल पर देना होगा और वेस्ट खुद के वाहनों से रीसाइक्लिंग फैसिलिटी में पहुंचाना होगा।

रीसाइकल्ड सामग्री का उपयोग अनिवार्य

आदेश में प्रोसेस किए गए सीएंडडी से तैयार सामग्री के उपयोग पर भी जोर दिया गया है। भवन निर्माण में न्यूनतम निर्धारित प्रतिशत के अनुसार रीसाइकल्ड एग्रीगेट और अन्य उत्पादों का उपयोग करना होगा। इसके तहत वित्त वर्ष 2026-27 में 5 प्रतिशत, 2027-28 में 10 प्रतिशत, 2028-29 में 15 प्रतिशत, 2029-30 में 20 प्रतिशत और 2030-31 से आगे 25 प्रतिशत उपयोग अनिवार्य है। सड़क निर्माण प्रोजेक्ट्स के लिए 2026-27 एवं 2027-28 में 5 प्रतिशत, 2028-29 एवं 2029-30 में 10 प्रतिशत तथा 2030-31 से आगे 15 प्रतिशत का प्रावधान किया गया है।

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