गुरुग्राम: फर्जी आईडी पर कैब चलाकर महिला को बंधक बनाने वाला ड्राइवर गिरफ्तार
गुरुग्राम पुलिस ने फर्जी आईडी पर कैब चलाने वाले आरोपी यासिर को गिरफ्तार किया, जिसने सॉफ्टवेयर इंजीनियर महिला को बंधक बनाकर प्रताड़ित किया था।

गुरुग्राम पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट से घर लौट रही एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर महिला के साथ बदसलूकी और उसे बंधक बनाने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी कैब ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने न केवल महिला को प्रताड़ित किया, बल्कि वह एक फर्जी पहचान के सहारे कैब भी चला रहा था।
यह पूरी घटना 26 अक्टूबर की तड़के करीब चार बजे की है। पीड़िता तनीषा ने दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 से गुरुग्राम के लिए उबर कैब बुक की थी। ऐप पर इस ट्रिप का किराया 625 रुपये दिखाया गया था। लेकिन जैसे ही सफर खत्म हुआ, ड्राइवर ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया। आरोपी ने तनीषा को रैपिडो ऐप का एक स्क्रीनशॉट दिखाया और उससे 1,479 रुपये की मांग करने लगा। जब तनीषा ने कहा कि उसने उबर बुक की है और वह तय किराया ही देगी, तो विवाद बढ़ गया।
तनीषा ने 625 रुपये का भुगतान तो कर दिया, लेकिन आरोपी ड्राइवर ने कार के दरवाजे लॉक कर दिए और उसका सामान बाहर निकालने नहीं दिया। जब महिला ने अपना सामान लेने की कोशिश की, तो ड्राइवर ने उसका हाथ मरोड़ दिया और खिड़कियां बंद कर लीं। हद तो तब हो गई जब तनीषा किसी तरह सामान लेकर अपने घर में घुसने लगी, तो आरोपी उसके पीछे आ गया। उसने घर का गेट खोलने की कोशिश की, गालियां दीं और गेट पर चढ़कर उसे जान से मारने की धमकी दी।
फर्जी प्रोफाइल और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
इस डरावने अनुभव के बाद तनीषा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर अपनी आपबीती साझा की। गुरुग्राम पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम ने इस पोस्ट को तुरंत नोटिस किया और पीड़िता से संपर्क कर पूरी जानकारी जुटाई। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना पालम विहार में एफआईआर दर्ज की। इसके बाद क्राइम ब्रांच सेक्टर-39 और पालम विहार पुलिस की संयुक्त टीम ने लोकेशन ट्रेस कर आरोपी को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान नूंह के घासेड़ा गांव निवासी 26 वर्षीय यासिर के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने महिला के साथ हैरेसमेंट की बात स्वीकार कर ली है। जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ कि यासिर उबर ऐप पर 'जाहिद खान' के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर कैब चला रहा था। एसीपी क्राइम नवीन शर्मा ने बताया कि पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने यह फर्जी आईडी किसकी मदद से बनाई और क्या वह पहले भी ऐसी किसी वारदात में शामिल रहा है।