गुरुग्राम: शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 120वीं जयंती पर ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन ने दी श्रद्धांजलि

Kittu Kumari28 September 20262 min read3 viewsNCR
गुरुग्राम: शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 120वीं जयंती पर ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन ने दी श्रद्धांजलि

ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन की गुरुग्राम इकाई द्वारा शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 120वीं जयंती के अवसर पर एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने भगत सिंह के विचारों को वर्तमान समय में बेहद प्रासंगिक बताया।

  • शहीद भगत सिंह की 120वीं जयंती मनाई गई।
  • ऑल इंडिया लॉयर्स स्टेडियम ने गुरुग्राम में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की।
  • समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता के उनके सपनों को साकार करने का संकल्प लिया गया।

शहीद-ए-आजम के विचारों की आवश्यकता

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कार्यक्रम में ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन गुरुग्राम के अध्यक्ष एडवोकेट राजेंद्र पाठक ने कहा कि आज के दौर में शहीद-ए-आजम के विचारों की बहुत जरूरत है। उन्होंने कहा कि भगत सिंह ने समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता, सबको काम, भाईचारा और बराबरी का सपना देखा था और हमें उनके सपनों को साकार करने का वादा करना होगा।

भगत सिंह का जीवन और संघर्ष

राजेंद्र पाठक ने बताया कि सरदार भगत सिंह भारत के सबसे महान क्रांतिकारी थे, जिनका जन्म 28 सितंबर 1907 को बंगा, लायलपुर (अब पाकिस्तान) में अब हुआ था। उन्होंने कहा कि जलियांवाला बाग की घटना, क्रांतिकारी संगठनों से जुड़ाव और जेल में भूख हड़ताल ने उनके जीवन की दिशा तय की। जब वे करीब 12 साल के थे, तब वे अमृतसर पहुंचे और जलियांवाला बाग की खून से सनी मिट्टी लेकर देश को आजाद कराने की कसम खाई।

क्रांतिकारी गतिविधियां और शहादत

ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन के जनरल सेक्रेटरी एडवोकेट विनोद भारद्वाज ने बताया कि भगत सिंह ने मात्र 23 वर्ष की उम्र में 23 मार्च 1931 को फांसी का फंदा चूम लिया। उन्होंने नौजवान भारत सभा और हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन की स्थापना की। लाल लाजपत राय की मौत का बदला लेने के लिए उन्होंने ब्रिटिश पुलिस अधिकारी सांडर्स को मारा और 8 अप्रैल 1929 को बटुकेश्वर दत्त के साथ सेंट्रल असेम्बली में बम धमाका किया, जिसका उद्देश्य किसी को मारना नहीं बल्कि बहरों को अपनी आवाज सुनाना था।

इस कार्यक्रम में एडवोकेट आरके तंवर, एसएस डागर, महेंद्र सिंह, ज्योति शर्मा, कुलदीप शर्मा, एसएस हुड्डा और पटेल सहित कई अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया।

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