गुरुग्राम: फर्रुखनगर मंडी में बाजरे की बंपर आवक, पर MSP पर नहीं खरीदा एक दाना

गुरुग्राम के फर्रुखनगर में बाजरे की फसल लेकर मंडी पहुंचे किसानों को भारी निराशा हाथ लगी है। मामला यह है कि मंडी में बाजरे की आवक तो तेजी से बढ़ रही है, लेकिन सरकार द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद का नामोनिशान नहीं है। इस गंभीर स्थिति का जायजा लेने के लिए जिला कांग्रेस कमेटी गुरुग्राम ग्रामीण के अध्यक्ष और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी वर्धन यादव सोमवार को फर्रुखनगर अनाज मंडी पहुंचे।
मंडी का दौरा करने के बाद वर्धन यादव ने किसानों, आढ़तियों और अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि 1 अक्टूबर से 5 अक्टूबर तक महज पांच दिनों के भीतर फर्रुखनगर मंडी में करीब 11,500 क्विंटल बाजरा पहुंच चुका है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि सरकार द्वारा घोषित 2,900 रुपये प्रति क्विंटल की एमएसपी के बावजूद, सरकारी खरीद के तहत एक दाना भी नहीं खरीदा गया है।
किसान मजबूरी में सस्ते दामों पर बेचने को मजबूर
वर्धन यादव ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब एमएसपी 2,900 रुपये तय है, तो फिर किसान अपनी फसल 2,100 से 2,200 रुपये प्रति क्विंटल में क्यों बेच रहा है? उन्होंने कहा कि किसान मजबूरी में अपनी फसल सस्ते दामों पर बेचकर घर लौट रहा है, जिससे उसे प्रति क्विंटल करीब 700 से 800 रुपये का सीधा नुकसान हो रहा है।
उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि किसान कोई भीख नहीं मांग रहा, बल्कि अपनी मेहनत की फसल का उचित दाम चाहता है। यदि 11,500 क्विंटल बाजरा आने के बाद भी सरकारी खरीद शून्य है, तो फिर एमएसपी की घोषणा का कोई मतलब नहीं रह जाता।
इस मौके पर फर्रुखनगर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुनील यादव ने भी सरकार से मांग की कि मंडी में बाजरे की सरकारी खरीद तुरंत सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके। इस दौरान राकेश यादव, विवेक कटारिया, दीपेश कौशिक और भीम सोनी समेत कई अन्य कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।