गुरुग्राम कोर्ट ने भगवंत मान वीडियो मामले में सबूतों के अभाव में एक और आरोपी को दी जमानत

गुरुग्राम कोर्ट ने सोमवार, 10 अगस्त 2026 को भगवंत मान वीडियो विवाद मामले में आरोपी अर्जुन उर्फ अरुण को रेगुलर जमानत दे दी है। यह फैसला सह-आरोपी अंकित भारद्वाज को 2 अगस्त 2026 को मिली पिछली जमानत के बाद आया है। अर्जुन और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) के साथ कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले साइबर एक्सपर्ट अंकित भारद्वाज दोनों को इस मामले में 23 जून को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले की पूरी जानकारी Gurgaon Court Grants Bail to Another Accused in Bhagwant Mann Video Row के जरिए समझी जा सकती है।
अदालत की टिप्पणियां और कानूनी आधार
अडिशनल सेशन जज सुदीप गोयल ने जमानत देते हुए अर्जुन के खिलाफ 'संगठित अपराध (organised crime) का संकेत देने वाले सबूतों की कमी' का हवाला दिया। अदालत ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 लागू करते समय 'कानूनी रूप से स्वीकार्य प्रथम दृष्टया सबूत' की जरूरत पर जोर दिया। जज गोयल ने कहा कि ऐसे सबूतों के बिना राज्य किसी संदिग्ध को हिरासत में पूछताछ के लिए मजबूर नहीं कर सकता। जांच एजेंसी ने भी स्वीकार किया कि अर्जुन का कोई पिछला क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है और उस पर कोई अन्य FIR दर्ज नहीं है। साथ ही, जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक रिपोर्ट आना अभी बाकी है।
शिकायत और राजनीतिक प्रतिक्रिया
यह मामला डिजिटल फॉरेंसिक वर्कर जसप्रीत सिंह द्वारा 23 जून को दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। सिंह ने आरोप लगाया था कि वीडियो के बारे में फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट बनाने के लिए पंजाब सरकार के सीनियर अधिकारियों द्वारा उस पर दबाव डाला गया था और उसे जबरन 10 लाख रुपये दिए गए थे। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत Mann ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि यह वीडियो फर्जी है और एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा है।