गुरुग्राम में बढ़े कॉन्डोमिनियम के मेंटेनेंस चार्ज, लेबर कॉस्ट बढ़ने से रेजिडेंट्स की जेब पर भारी असर

गुरुग्राम के कॉन्डोमिनियम में रहने वाले लोगों को अब हर महीने ज्यादा मेंटेनेंस फीस चुकानी पड़ रही है। अगस्त 2026 के आंकड़ों के अनुसार, मिड-रेंज हाउसिंग के लिए चार्ज करीब ₹3.0 से ₹4.5 प्रति वर्ग फीट और अल्ट्रा-लग्जरी टावर्स में यह ₹8 से ₹18 प्रति वर्ग फीट तक पहुंच गया है। डीजल, सैलरी और बिजली के खर्चों में हर साल हो रही बढ़ोतरी के कारण जून 2026 तक मेंटेनेंस बिल में 20 से 30 प्रतिशत की संभावित बढ़ोतरी हुई है।
* अगस्त 2026 तक मिड-रेंज हाउसिंग का मेंटेनेंस चार्ज ₹3.0–₹4.5 प्रति वर्ग फीट हुआ।
* अल्ट्रा-लग्जरी टावर्स में चार्ज बढ़कर ₹8–₹18+ प्रति वर्ग फीट तक पहुंचा।
* जून 2026 तक मेंटेनेंस बिल में 20-30% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
मेंटेनेंस खर्च बढ़ने की मुख्य वजह
इन बढ़ते खर्चों का मुख्य कारण नई लेबर कोड लागू होना है, जिसके तहत न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाया गया है। सिक्योरिटी, हाउसकीपिंग, हॉर्टिकल्चर, इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर और लिफ्ट ऑपरेटर जैसी जरूरी सेवाओं पर आने वाला मैनपावर खर्च, किसी भी सोसाइटी के मेंटेनेंस बजट का 70 से 85 प्रतिशत हिस्सा होता है। उदाहरण के लिए, गुरुग्राम के एम्मार पाम गार्डन्स (Emaar Palm Gardens) में कॉमन एरिया मेंटेनेंस (CAM) चार्ज ₹3.15 से बढ़कर ₹4.37 प्रति वर्ग फीट हो गया है, जो मैनपावर की लागत में लगभग 35 प्रतिशत की वृद्धि को दिखाता है और इससे रेजिडेंट्स के मासिक खर्च में ₹2,500 से ₹3,000 की बढ़ोतरी हुई है।
इस बढ़ोतरी के कारण रेजिडेंट्स में विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो गए हैं, जिसमें 8 जून 2026 को सेक्टर 37C स्थित इम्पीरिया एस्फेरा फेज 2 (Imperia Esfera Phase 2) के रेजिडेंट्स का प्रदर्शन शामिल है, जिन्होंने मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने और ठीक से देखरेख न होने का मुद्दा उठाया था।
नियम और कानूनी प्रावधान
रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम (RERA) के तहत, बिल्डर्स के लिए यह जरूरी है कि वे सेल एग्रीमेंट में सभी मेंटेनेंस फीस की जानकारी पहले ही दें। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) बनने से पहले मेंटेनेंस की जिम्मेदारी शुरुआत में बिल्डर की होती है। इसके अलावा, अगर प्रति फ्लैट मासिक मेंटेनेंस चार्ज ₹7,500 से ज्यादा होता है, तो उस पर 18% गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) लागू होता है।
मार्च 2023 के पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग (DTCP) द्वारा जारी एक निर्देश के अनुसार, बिल्डर्स किफायती आवास परियोजनाओं (affordable housing projects) में पहले पांच साल तक मेंटेनेंस फीस नहीं ले सकते हैं, और उन्हें सड़कों, कॉमन एरिया और स्टाफ की सैलरी जैसे खर्च खुद उठाने होते हैं। इसके साथ ही, गुरुग्राम नगर निगम ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ऑपरेशन और मेंटेनेंस के वास्ते ₹250 करोड़ के बजट को मंजूरी दी है।