न्यूरोडायवर्सिटी को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली में 'गुलमोहर 2026' का आयोजन
1SpecialPlace ने दिल्ली में गुलमोहर 2026 इवेंट आयोजित किया, जिसमें न्यूरोडायवर्सिटी और समावेशी प्रणालियों पर चर्चा हुई।

देश के पहले टेली-रिहैबिलिटेशन और डेवलपमेंटल सपोर्ट इकोसिस्टम '1SpecialPlace' ने रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में अपने वार्षिक कार्यक्रम 'गुलमोहर 2026' की मेजबानी की। 'न्यूरोडायवर्सिटी: द इंक्लूजन डायलॉग' थीम पर आधारित इस खास आयोजन का मकसद न्यूरोडायवर्जेंट व्यक्तियों, उनके परिवारों, थेरेपिस्ट और शिक्षकों के बीच एक सार्थक संवाद स्थापित करना था।
कार्यक्रम के दौरान 1SpecialPlace की संस्थापक और सीईओ प्रतीक्षा गुप्ता ने बताया कि 'गुलमोहर' व्यक्तिगत विकास और खिलने का प्रतीक है। वहीं, सीडस्टार्स की आर्ची मोबर्ली ने वैश्विक स्तर पर समावेशिता की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि दुनिया में हर छह में से एक व्यक्ति किसी न किसी दिव्यांगता के साथ जीवन जी रहा है और नवाचार के लिए समावेशी माहौल बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों ने साझा किए समावेशी सिस्टम बनाने के तरीके
इस कार्यक्रम में पूर्व महानिदेशक (सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएं) सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरिन (रिटायर्ड) बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं। रेडियोलॉजी और ऑन्कोलॉजी में 39 वर्षों के अनुभव रखने वाली एडमिरल सरिन ने सशस्त्र बलों के भीतर अर्ली इंटरवेंशन सेंटर्स की शुरुआत करने में अपनी अहम भूमिका निभाई है।
इवेंट के दौरान दो मुख्य पैनल चर्चाएं आयोजित की गईं। पहली चर्चा 'बियॉन्ड एक्सेस: बिल्डिंग सिस्टम्स फॉर इंक्लूजन' पर केंद्रित थी, जिसमें हरलीन अहलूवालिया, नारायणन रामकृष्णन, प्रेरणा शिवपुरी, शिवानी ढिल्लों, डॉ. सोनाली कटारिया और स्वाति गुप्ता ने अपने विचार रखे। दूसरी पैनल चर्चा 'पार्टनर्स इन इंक्लूजन' में डॉ. अजंता सेन, अनुपमा बख्शी, झिलिका त्रिसल, कृति भाटिया, पत्रकार पल्लवी शंकर, प्रणव बख्शी और प्रोफेसर रवि पूवैय्या ने हिस्सा लिया।
इस पूरी पहल को बीपीसीएल एमएके लुब्रिकेंट्स जैसे पार्टनर्स का समर्थन मिला, जबकि वीजा फाउंडेशन और सीडस्टार्स ने असिस्टिव टेक्नोलॉजी वेंचर्स के क्षेत्र में अपने योगदान के लिए सराहना प्राप्त की।