रोहतक से दिल्ली सिर्फ 63 मिनट में पहुँचा दिल, ग्रीन कॉरिडोर से बचाई जान

रोहतक के पीजीआईएमएस से दिल्ली के शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल तक एक डोनर का दिल गुरुवार को मात्र 63 मिनट में सफलताપूरक पहुँचाया गया। हरियाणा और दिल्ली पुलिस की मदद से बनाए गए ग्रीन कॉरिडोर की वजह से 95 किलोमीटर का यह सफर बहुत कम समय में पूरा हुआ। इस सफर की जानकारी PTI News के माध्यम से सामने आई है। इस पूरी प्रक्रिया में भारी ट्रैफिक को पार करते हुए एम्बुलेंस समय पर अस्पताल पहुँची।
अंग आवंटन और मेडिकल टीम की प्रक्रिया
नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन यानी NOTTO ने सुबह 8:50 बजे बी+ ब्लड ग्रुप के मरीज के लिए दिल की पहचान की थी। इसके बाद सुबह 9:55 बजे मरीज की पुष्टि हुई और दोपहर 12:03 बजे औपचारिक रूप से दिल का आवंटन किया गया। दिल्ली से मेडिकल टीम दोपहर 2:49 बजे रवाना हुई और शाम 4:34 बजे रोहतक पीजीआईएमएस पहुँची।
डोनर की जानकारी और ऑपरेशन का समय
बिहार के 40 वर्षीय प्रवासी मजदूर मुन्ना दास इस डोनर थे, जिनका अंग निकाला गया। ऑपरेशन शाम 6:13 बजे शुरू हुआ और शाम 7:20 बजे समाप्त हुआ। मेडिकल टीम शाम 7:40 बजे रोहतक से रवाना हुई और रात 8:43 बजे एम्बुलेंस दिल्ली के अस्पताल में पहुँच गई।
अधिकारियों के बयान और कानूनी प्रक्रिया
रोहतक के हेल्थ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. एच.के. अग्रवाल ने बताया कि यह दिल NOTTO, रोट्टो उत्तर और हरियाणा के स्टेट ऑर्गन ट्रांसप्लांट संगठन के सहयोग से मिला। फोर्टिस अस्पताल शालीमार बाग के उपाध्यक्ष नवीन शर्मा ने इसे पुलिस और मेडिकल टीम के बीच बेहतरीन तालमेल बताया। यह पूरी प्रक्रिया NOTTO के नियमों और मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम 1994 के तहत पूरी की गई।