ग्रेटर नोएडा: दंपती और तीन बच्चों की मौत मामले में 3 रिश्तेदार गिरफ्तार, संपत्ति विवाद में रची साजिश

ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा इलाके में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की संदिग्ध मौत के सनसनीखेज मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने इस मामले में मृतक महेश की दो बहनों और एक जीजा को गिरफ्तार किया है। रबूपुरा के नगला पदम गांव में 17 अक्टूबर की सुबह महेश (37), उनकी पत्नी ललिता (35) और उनके तीन मासूम बच्चों—साक्षात (11), मिष्टी (7) और रियांश (3) के शव घर के अंदर मिले थे, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया था।
शुरुआत में इस मामले को फूड पॉइजनिंग का एंगल दिया गया था क्योंकि परिवार ने पिछली रात नूडल्स खाए थे। लेकिन जब फूड सेफ्टी ऑफिसर ओ.पी. सिंह ने जांच की, तो पाया कि घर में कोई भी एक्सपायर्ड फूड नहीं था और शवों में उल्टी या दस्त जैसे लक्षण नहीं थे, जो आमतौर पर फूड पॉइजनिंग में दिखते हैं। इसके बाद पुलिस का शक गहरा गया और जांच की दिशा बदल गई।
ऑडियो नोट और संपत्ति विवाद ने खोला राज
इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब पुलिस को महेश के मोबाइल फोन से एक ऑडियो नोट मिला। इस रिकॉर्डिंग में महेश ने अपनी बहनों और जीजा पर परिवार की बदहाली का जिम्मेदार ठहराया था। साथ ही, ललिता के भाई द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत ने पुलिस को अहम सुराग दिए। पुलिस ने अब महेश की बड़ी बहन सुनीता (45), छोटी बहन सपना (32) और जीजा शेखर (50) को हिरासत में ले लिया है।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह पूरी त्रासदी एक पुराने संपत्ति विवाद का नतीजा हो सकती है। आरोप है कि सुनीता ने अपनी मां चंद्रवती को इस तरह प्रभावित किया कि उन्होंने घर का मालिकाना हक महेश से हटाकर सुनीता के नाम कर दिया। इस बात से महेश गहरे तनाव और मानसिक दबाव में था।
जांच अधिकारी सुजीत उपाध्याय ने बताया कि घर के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिनमें किसी भी बाहरी व्यक्ति के अंदर जाने के सबूत नहीं मिले। इसी वजह से पुलिस का शक परिवार के करीबी रिश्तेदारों पर गया। फिलहाल, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। शवों का वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया गया है और विसरा सैंपल लैब भेज दिए गए हैं, ताकि मौत की असली वजह साफ हो सके।