ग्रेटर नोएडा स्लीपर बस आग हादसा: पीएम मोदी ने मृतकों के परिजनों के लिए दो लाख रुपये मुआवजे का किया ऐलान

ग्रेटर नोएडा में हुए भीषण बस हादसे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्थिक सहायता की घोषणा की है। इस दुखद हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को पचास हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इस संबंध में अधिक जानकारी PMNRF वेबसाइट पर उपलब्ध है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस बात की पुष्टि की है और प्रधानमंत्री ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है तथा पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। इस बारे में सहायता राशि देने के तौर-तरीकों की जानकारी PM India पोर्टल पर दी गई है। यह दुर्घटना बुधवार 23 सितंबर 2026 की देर रात हुई। नई दिल्ली के कश्मीरी गेट से उत्तर प्रदेश के महोबा जा रही राज कल्पना ट्रैवल्स की एक डबल-देकर स्लीपर बस में यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर थाना क्षेत्र के 33वें किलोमीटर के पास अचानक आग लग गई। इस भीषण आग की चपेट में आने से एक महिला और आठ पुरुषों सहित कुल नौ यात्रियों की मौत हो गई, जबकि लगभग 30 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। इस हादसे की विस्तृत खबर ANI News पर प्रकाशित की गई है, जिसके अनुसार पीड़ितों में बुजुर्ग यात्री और एक दिव्यांग बच्चा भी शामिल था। प्रारंभिक जांच में बस के एयर कंडीशनिंग सिस्टम में आई तकनीकी खराबी को आग लगने का कारण माना जा रहा है, जिससे चिंगारी निकलकर इंजन के lubricating oil तक तेजी से फैल गई। इस मामले में दर्ज कराई गई एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि यात्रियों ने ड्राइवर केबिन से धुआं आने पर जब बदबू महसूस की और शोर मचाया, तो ड्राइवर और कंडक्टर ने उनकी चिंताओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। एफआईआर में यह भी आरोप है कि बस का स्टाफ गाड़ी चलाते समय धूम्रपान करता रहा और रुकने के अनुरोध को अनसुना कर दिया, साथ ही यात्रियों के साथ उनका व्यवहार भी बेहद लापरवाह था। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए बस के ड्राइवर और कंडक्टर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मृतकों के परिजनों के लिए अलग से दो लाख रुपये और घायलों के लिए पचास हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को यह स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बचे हुए लोगों का इलाज प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए और पीड़ित परिवारों को हरसंभव पूरा सहयोग प्रदान किया जाए।