दिल्ली-NCR में हवा हुई खराब, प्रशासन ने लागू किया GRAP-1
दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता बिगड़ने के बाद GRAP-1 लागू किया गया है। जानें अब कौन से नियम बदलेंगे और क्या पाबंदियां लगी हैं।

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में एक बार फिर प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। हवा की क्वालिटी गिरने के बाद प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए दिल्ली-NCR में दिल्ली NCR GRAP-1 लागू कर दिया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने यह कदम तब उठाया जब 21 अक्टूबर को दिल्ली का AQI 244 तक पहुंच गया और हवा 'खराब' श्रेणी में आ गई।
प्रदूषण का असर सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे इलाकों में स्थिति और भी चिंताजनक है। आंकड़ों के मुताबिक, नोएडा में AQI 354 और ग्रेटर नोएडा में 247 दर्ज किया गया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अब 25 कड़े नियमों वाला एक्शन प्लान लागू किया गया है, जिसका मकसद उत्सर्जन को कम करना है।
अब इन चीजों पर लगी पाबंदी, नियमों का करें पालन
GRAP-1 लागू होने के बाद अब शहर में कई पाबंदियां प्रभावी हो गई हैं। सबसे पहले रेस्टोरेंट और ढाबों पर ध्यान दिया गया है; अब तंदूरों में कोयले या लकड़ी के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इन प्रतिष्ठानों को अब बिजली या गैस जैसे स्वच्छ ईंधन का उपयोग करना होगा। इसके अलावा, खुले में कचरा, सूखे पत्ते या बायोमास जलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निर्माण कार्यों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। 500 वर्ग मीटर से बड़े कंस्ट्रक्शन साइट्स के लिए डस्ट कंट्रोल अनिवार्य कर दिया गया है और उन्हें सरकारी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। साथ ही, मलबे को केवल ढके हुए वाहनों में ही ले जाया जा सकेगा।
प्रदूषण से लड़ने के लिए प्रशासन ने अन्य इंतजाम भी किए हैं:
- सड़कों पर धूल कम करने के लिए मैकेनिकल स्वीपिंग तेज कर दी गई है और 250 से ज्यादा एंटी-स्मॉग गन तैनात की गई हैं।
- डीजल जनरेटरों का उपयोग केवल जरूरी कामों के लिए ही सीमित कर दिया गया है।
- लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए प्रेरित करने के लिए दिल्ली मेट्रो ने रोजाना 20 अतिरिक्त फेरे शुरू किए हैं।
- इंडस्ट्रियल यूनिट्स और हॉट मिक्स प्लांट्स की जांच की जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि केंद्र और दिल्ली सरकार मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तत्काल राहत के साथ-साथ लंबे समय के समाधान के लिए 11 सूत्रीय कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है ताकि लोगों को जहरीली हवा से निजात मिल सके।