सीएम रेखा गुप्ता ने गोयला डेयरी में किया अत्याधुनिक बायोगैस प्लांट का उद्घाटन

दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने सोमवार को नजफगढ़ इलाके की गोयला डेयरी में एक अत्याधुनिक बायोगैस प्लांट का उद्घाटन किया। इस प्लांट की क्षमता रोजाना 200 मीट्रिक टन गोबर को प्रोसेस करने की है। दिल्ली नगर निगम (MCD) द्वारा 16 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया यह प्लांट न केवल साफ ईंधन पैदा करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और शहर की स्वच्छता में भी बड़ी भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि इस प्लांट के शुरू होने से अब गोबर नालों के जरिए यमुना नदी में नहीं जाएगा, जिससे नदी के प्रदूषण को रोकने में मदद मिलेगी। साथ ही, इससे डेयरी किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी और इलाके की साफ-सफाई में सुधार आएगा। इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही, डिप्टी मेयर मोनिका पंत और विधायक संदीप सहरावत सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
वेस्ट टू वेल्थ: कचरे से कमाई और पर्यावरण की सुरक्षा
सीएम रेखा गुप्ता ने पिछली सरकारों पर बुनियादी ढांचे की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली की डेयरी कॉलोनियों में नालियों, पानी की आपूर्ति और गोबर प्रबंधन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया था। उन्होंने बताया कि पिछले 18 महीनों में वर्तमान सरकार ने तीन बायोगैस प्लांट शुरू किए हैं और छह अन्य पर काम चल रहा है। उदाहरण के तौर पर, नांगली सकरावाती प्लांट में एक साल में 55,000 टन गोबर प्रोसेस किया गया, जिसके लिए किसानों को 3.5 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
मुख्यमंत्री ने आगे जानकारी दी कि दिल्ली की डेयरी कॉलोनियों में ड्रेनेज सिस्टम और नालों के निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वेस्ट टू वेल्थ' विजन का जिक्र करते हुए कहा कि कचरे को मूल्यवान संसाधनों में बदलना ही विकास और पर्यावरण सुरक्षा का सही रास्ता है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री आशीष सूद और मेयर प्रवेश वाही ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि सरकार और एमसीडी मिलकर दिल्ली की कचरा प्रबंधन चुनौतियों का स्थायी समाधान निकाल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि केवल नदी की सफाई काफी नहीं है, बल्कि प्रदूषण के स्रोतों को जड़ से खत्म करना जरूरी है, ताकि यमुना को फिर से स्वच्छ और स्वस्थ बनाया जा सके।