सरकार का बड़ा फैसला, 3 लाख रुपये तक के छोटे निर्यात शिपमेंट के लिए आरसीएमसी की अनिवार्यता खत्म

Kittu Kumari22 September 20262 min read0 viewsNational
सरकार का बड़ा फैसला, 3 लाख रुपये तक के छोटे निर्यात शिपमेंट के लिए आरसीएमसी की अनिवार्यता खत्म

भारतीय सरकार ने छोटे निर्यातकों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने 3 लाख रुपये तक के फ्री-ऑन-बोर्ड मूल्य वाले निर्यात शिपमेंट के लिए रजिस्ट्रेशन-कम-मेंबरशिप सर्टिफिकेट यानी आरसीएमसी की अनिवार्य शर्त को खत्म कर दिया है। विदेश व्यापार नीति 2023 के पैरा 2.57 में संशोधन करते हुए वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत आने वाले विदेश व्यापार महानिदेशालय ने नोटिफिकेशन नंबर 36/2026-27 के जरिए इस नीतिगत बदलाव को औपचारिक रूप दिया। यह नया नियम 15 सितंबर 2026 से प्रभावी हो गया है। 3 लाख रुपये तक की शिपमेंट के लिए यह छूट दी गई है, लेकिन मौजूदा विदेश व्यापार नियमों के तहत इस सीमा से अधिक के शिपमेंट के लिए आरसीएमसी अनिवार्य बना रहेगा। वाणिज्य मंत्रालय ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य एमएसएमई, कारीगरों और पहली बार निर्यात करने वालों के लिए अनुपालन बोझ को कम करना है, जिससे वैश्विक व्यापार में प्रवेश करना आसान हो सके। अधिकारियों का अनुमान है कि इस छूट से विशेष रूप से डाक, कूरियर और उभरते ई-कॉमर्स चैनलों के माध्यम से होने वाले शिपमेंट को बढ़ावा मिलेगा। इस विकास का दिल्ली एनसीआर क्षेत्र पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। इससे सदर बाजार, चांदनी चौक, करोल बाग और गांधी नगर जैसे वाणिज्यिक केंद्रों के व्यापारियों को छोटे शिपमेंट के साथ विदेशी बाजारों का परीक्षण करने की सुविधा मिलेगी। वर्ष 2021-22 से 2025-26 की अवधि के ऐतिहासिक आंकड़ों से इस बदलाव की आवश्यकता का पता चलता है। इन आंकड़ों के अनुसार, 3,000 अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 3 लाख रुपये तक के मूल्य वाले शिपमेंट कुल शिपिंग बिलों का 43 प्रतिशत हिस्सा थे, लेकिन भारत के कुल मर्चेंडाइज निर्यात मूल्य का केवल 0.86 प्रतिशत ही थे। कम मूल्य के इन भारी मात्रा वाले लेन-देन के लिए प्रक्रियागत आवश्यकता को समाप्त करके, सरकार छोटे पैमाने के व्यवसायों के बीच अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की भागीदारी को बढ़ाना चाहती है।

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