गूगल ने दिल्ली हाई कोर्ट को दी भारत में ध्रुव राठी के विवादित वीडियो पर रोक लगने की जानकारी

नई दिल्ली में एक मामले की सुनवाई के दौरान गूगल ने दिल्ली उच्च न्यायालय को जानकारी दी कि भगवान राम और मां सीता का कथित रूप से अपमान करने वाले यूट्यूबर ध्रुव राठी के विवादित वीडियो पर भारत में रोक लगा दी गई है। इस मामले की सुनवाई जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने की और 3 सितंबर को अगली सुनवाई करने का आदेश दिया। गूगल की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि इस वीडियो पर पूरी दुनिया में रोक नहीं लगाई गई है, बल्कि यह कार्रवाई केवल भारत के लिए की गई है।
रोक लगाने की वजह और प्रक्रिया
सुनवाई के दौरान गूगल की तरफ से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार की शिकायत अपीलीय कमेटी के आदेश के बाद यह रोक लगाई गई है। इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने 3 जुलाई को शिकायत अपीलीय कमेटी को यह निर्देश दिया था कि वह यूट्यूबर ध्रुव राठी के वीडियो को हटाने की मांग पर 15 दिनों के भीतर अपना फैसला सुनाए। इस निर्देश के बाद ही शिकायत अपीलीय कमेटी ने आदेश पारित किया था, जिसके आधार पर गूगल ने भारत में वीडियो पर प्रतिबंध लगाया।
याचिकाकर्ता और केंद्र सरकार का पक्ष
यह पूरी कानूनी याचिका वकील अमित सचदेवा द्वारा दायर की गई थी। वकील अमित सचदेवा ने अपनी याचिका में 21 मार्च को पब्लिश हुए ध्रुव राठी के उस वीडियो को हटाने की मांग की थी जिसका शीर्षक “Can Hindus eat BEEF? Kerala Story 2 Exposed” है। इस सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से पेश एएसजी चेतन शर्मा ने कोर्ट में कहा कि ध्रुव राठी का यह वीडियो हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने वाला है और इस तरह की सामग्री को कोई भी बर्दाश्त नहीं कर सकता है। चेतन शर्मा ने अदालत से मांग की कि या तो गूगल खुद उस वीडियो को हटा दे या फिर कोर्ट इस मामले में कोई न्यायिक आदेश पारित करे जिसका पूरी तरह से पालन सुनिश्चित किया जा सके।