छोटे बिजनेस की बढ़ेगी रफ्तार, Google Cloud ने पेश किए खास AI टूल्स
Google Cloud ने दिल्ली में SMBs के लिए खास AI टूल्स पेश किए, जिससे छोटे बिजनेस अपनी प्रोडक्टिविटी और ग्रोथ बढ़ा सकेंगे।

भारत के छोटे और मध्यम उद्योगों (SMBs) के लिए तकनीक अब सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि ग्रोथ का इंजन बनने जा रही है। नई दिल्ली में आयोजित 'क्लाउड डे इंडिया 2026' के दौरान Google Cloud ने ऐसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का प्रदर्शन किया, जो छोटे बिजनेस की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने और उनके रूटीन कामों को ऑटोमेट करने में मदद करेंगे। इस इवेंट की थीम 'Any size. Every scale. AI that works for you' रखी गई थी, जिसमें 600 से ज्यादा बिजनेस और टेक लीडर्स ने हिस्सा लिया।
गूगल क्लाउड की जेपैक (JAPAC) एसएमबी एंड स्केल्ड सर्विसेज की मैनेजिंग डायरेक्टर तरु दहिया ने जोर देकर कहा कि एशिया पैसिफिक क्षेत्र में वे बिजनेस सबसे आगे निकल रहे हैं, जिन्होंने AI को अपनी ग्रोथ का जरिया बनाया है, और भारत के छोटे बिजनेस इस बदलाव का नेतृत्व कर रहे हैं। गौरतलब है कि भारत की जीडीपी में लगभग एक-तिहाई योगदान और मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट में 35 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी इन्हीं छोटे और मध्यम उद्योगों की है।
बिना भारी निवेश के आसान होगा बिजनेस मैनेजमेंट
अक्सर छोटे बिजनेस बिखरे हुए डेटा और पुराने सिस्टम्स की वजह से AI अपनाने में हिचकिचाते हैं। गूगल क्लाउड का दावा है कि उनके जेमिनी (Gemini) मॉडल, वर्कस्पेस और डेटा एनालिटिक्स टूल्स की मदद से बिजनेस बिना किसी बड़ी टेक टीम या भारी शुरुआती निवेश के अपने ऑपरेशंस को सरल बना सकते हैं।
कंपनी ने दिखाया कि कैसे AI एजेंट इन कामों को आसान बना सकते हैं:
- वेंडर इनवॉइस का मिलान और ई-वे बिल का रिकॉन्सिलिएशन।
- प्रोडक्ट्स में होने वाली कमियों (Defect Inspection) की जांच।
- कस्टमर बातचीत का सारांश तैयार करना और नए प्रपोजल ड्राफ्ट करना।
- नो-कोड AI एजेंट के जरिए अपनी जरूरत के हिसाब से ऑटोमेटेड वर्कफ्लो बनाना।
गूगल ने यह भी स्पष्ट किया कि ग्राहकों के डेटा का इस्तेमाल उनके फाउंडेशन मॉडल्स को ट्रेन करने के लिए नहीं किया जाता, जिससे सुरक्षा और प्राइवेसी बनी रहती है। साथ ही, मुंबई और दिल्ली-एनसीआर में मौजूद उनका इंफ्रास्ट्रक्चर स्थानीय स्तर पर बेहतर सुरक्षा और स्पीड सुनिश्चित करता है।
इस मौके पर सियाराम्स, न्यूबर्ग डायग्नोस्टिक्स, बिकानेरवाला और वुडलैंड जैसी कई बड़ी कंपनियों के उदाहरण दिए गए, जो इन तकनीकों का लाभ उठा रहे हैं। गूगल ने भारत के डिजिटल और AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 15 बिलियन डॉलर की प्रतिबद्धता भी जताई है, ताकि देश के डिजिटल इकोसिस्टम को और मजबूत किया जा सके।