जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर गोल्ड पाउडर के साथ शख्स गिरफ्तार, CISF ने पीछा कर दबोचा

दिल्ली के जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर उस वक्त हड़कंप मच गया जब सुरक्षाकर्मियों ने एक शख्स को संदिग्ध हालत में पकड़ा। यह मामला तब सामने आया जब दिल्ली मेट्रो गोल्ड पाउडर की तस्करी की कोशिश कर रहा एक व्यक्ति CISF की नजरों से बचने के लिए स्टेशन के अंदर ही भागने लगा। सुरक्षाकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसका पीछा किया और उसे गेट नंबर 1 के पास से धर दबोचा।
घटना शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 की है। आरोपी की पहचान मोहम्मद शुऐब के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का रहने वाला है। शुऐब ने दावा किया कि वह मलेशिया के कुआलालंपुर में टेक्सटाइल सेक्टर में काम करता है। जब वह स्टेशन पहुंचा, तो एक्स-रे बैगेज इंस्पेक्शन सिस्टम (XBIS) में उसके बैग के अंदर एक संदिग्ध और घनी वस्तु दिखाई दी। जैसे ही शुऐब को एहसास हुआ कि उसकी जांच हो रही है, वह घबरा गया और स्टेशन के एग्जिट की ओर तेजी से भागने लगा।
अंडरगारमेंट में छिपाकर लाया था सोना
CISF के एक जवान ने बिना समय गंवाए उसका पीछा करना शुरू किया। आरोपी एस्केलेटर और सीढ़ियों का सहारा लेकर भाग रहा था, लेकिन आखिरकार उसे गेट नंबर 1 के पास पकड़ लिया गया। जब उसके सामान की गहन तलाशी ली गई, तो सुरक्षाकर्मी दंग रह गए। उसके बैकपैक में रखे एक अंडरगारमेंट के सिला हुआ हिस्सा था, जिसमें लगभग 155 ग्राम का एक अर्ध-ठोस पदार्थ छिपाया गया था।
शुरुआत में अधिकारियों को शक था कि यह कोई नशीला पदार्थ हो सकता है, जिसके लिए नारकोटिक्स विभाग की मदद ली गई। हालांकि, जांच के बाद पता चला कि वह कोई ड्रग्स नहीं बल्कि गोल्ड पाउडर था। जब शुऐब से इस सोने के मालिकाना हक के दस्तावेज मांगे गए या इसका कारण पूछा गया, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया।
CISF ने इस पूरी कार्रवाई का एक 27 सेकंड का वीडियो भी अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा किया है। आरोपी को अब दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट मेट्रो पुलिस स्टेशन में ASI मासूम रजा ने उसकी हिरासत ली और दिल्ली पुलिस एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में कस्टम अधिकारियों को भी सूचित किया गया था, लेकिन उन्होंने इसे अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया।