गोवा के सीईओ के 8 बार लिखने पर भी नहीं जोड़े गए हटाए गए मतदाता: कांग्रेस

गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के ईमेल नजरअंदाज
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया है कि गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ईसीआईनेट सॉफ्टवेयर द्वारा हटाए गए वैध मतदाताओं को फिर से जोड़ने के लिए सात दिनों में आठ बार ईसीआई को पत्र लिखा था। गोवा के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अधिकारियों ने पुष्टि की थी कि ये सभी वैध मतदाता थे। इन ईमेल को नजरअंदाज कर दिया गया और मतदाताओं के नाम हटाए गए। इस संबंध में The Indian Express की एक रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरी प्रक्रिया और सॉफ्टवेयर के कारण दिल्ली में 54 प्रतिशत और सभी राज्यों में लगभग 12 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए या फ्लैग किए गए हैं।
विपक्ष के आरोप और मुख्य निर्वाचन आयुक्त का इस्तीफा
कांग्रेस नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञान और अन्य अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पवन खेरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि गोवा के उप निर्वाचन अधिकारी ने भी महानिदेशक आईटी सीमा खन्ना को 97 हटाए गए मतदाताओं के मामले में पत्र लिखा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला और वे मतदाता सूची से बाहर हैं। जयराम रमेश ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है और कहा है कि जनरेशन जेड को सूची से बाहर करने के लिए फॉर्म छह की प्रक्रिया को कठिन बनाया गया है।
भाजपा का पलटवार और विपक्ष पर आरोप
झारखंड भाजपा के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनाव हारने के बाद संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान चला रहा है। प्रतुल शाहदेव ने कहा कि योजनाबद्ध तरीके से प्रायोजित खबरें प्लांट की जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग ने 12 राज्यों में बहुत कुशलता से चुनाव संपन्न कराए हैं। भाजपा नेता ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव आयोग का वास्तविक राजनीतिकरण तब हुआ था जब पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त एम.एस. गिल ने पद छोड़ने के बाद कांग्रेस नीत यूपीए सरकार में दस साल तक केंद्रीय मंत्री के रूप में काम किया था।