दिल्ली-जयपुर हाईवे के अंडरपास और FOB का रखरखाव अब GMDA करेगा
दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48) के अंडरपास और फुट ओवरब्रिज के रखरखाव की जिम्मेदारी अब GMDA की होगी, जिससे सफर होगा आसान।

दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48) पर सफर करने वालों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। अब इस हाईवे पर स्थित अंडरपास, फुट ओवरब्रिज (FOB), सबवे और नॉन-मोटराइज्ड ट्रांसपोर्ट (NMT) अंडरपास के रखरखाव और संचालन की पूरी जिम्मेदारी गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) संभालेगी। यह फैसला सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद लिया गया है।
यह बदलाव विशेष रूप से सरहोल बॉर्डर (किमी 14.300) से लेकर खेड़की दौला (किमी 42.000) तक के हिस्से के लिए लागू होगा। दरअसल, पिछले कुछ समय से इन ढांचों के रखरखाव की कमी को लेकर काफी शिकायतें मिल रही थीं, जिससे आम जनता और वाहनों की आवाजाही में काफी दिक्कतें आ रही थीं। इसी समस्या को देखते हुए अब GMDA को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
NHAI देगा फंड, GMDA करेगा काम
इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के द्वारका पीआईयू के डिप्टी जनरल मैनेजर प्रांजल बरगोहे ने सितंबर 2026 में GMDA के इंफ्रास्ट्रक्चर विंग से रखरखाव खर्च का अनुमान मांगा था। तय यह हुआ है कि इस काम में आने वाला सारा खर्च NHAI वहन करेगा, जबकि GMDA एक डिपॉजिट-आधारित प्रोजेक्ट के तौर पर इन कार्यों को पूरा करेगा।
यह कदम सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने की एक बड़ी कोशिश है। हाल ही में गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने दिल्ली-जयपुर और गुरुग्राम-सोहना हाईवे पर 48 ऐसे स्थानों की पहचान की थी, जहां दुर्घटनाएं होने का खतरा ज्यादा रहता है। सर्दियों के मौसम में छाने वाले कोहरे और दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए GMDA, NHAI और नगर निकायों के बीच तालमेल बिठाया जा रहा है। इसके अलावा, GMDA हीरो होंडा चौक और उमंग भारद्वाज चौक के बीच एलिवेटेड रोड की डीपीआर तैयार करने और नए स्टॉर्म वाटर ड्रेन बनाने जैसे कामों में भी जुटा हुआ है।