ग्लोबल जीसीसी समिट 2026 में एआई और डिजिटल इनोवेशन पर हुई चर्चा

नई दिल्ली में इंडक्टस ग्रुप द्वारा हयात रीजेंसी में ग्लोबल जीसीसी समिट 2026 का आयोजन किया गया। इस समिट में 300 से अधिक सी-सूट लीडर्स, 100 से ज्यादा जीसीसी निर्णयकर्ताओं और 30 से अधिक प्रतिष्ठित वक्ताओं ने हिस्सा लिया। यह समिट “आर्किटेक्टिंग इंडियाज सनराइज एरा एंड द एपिकेंद्र ऑफ द $980बी जीसीसी इकोनॉमी” थीम पर आधारित थी। इस कार्यक्रम में भारत के जीसीसी इकोसिस्टम को नया आकार देने वाली तकनीकी और नवाचार ताकतों पर विस्तार से चर्चा की गई।
तकनीक और एआई पर विशेष जोर
इस समिट में एआई, डेटा, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सुरक्षा पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया गया। कॉन्सेप्ट नोट के अनुसार जीसीसी अब एंटरप्राइज एआई, लार्ज लैंग्वेज मॉडल, एआई एजेंट और इंडस्ट्री-स्पेशिफिक एप्लिकेशन के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित हो रहे हैं। इस सम्मेलन में फॉर्च्यून 500 कंपनियों, जीसीसी, सरकार, व्यापार निकायों, वाणिज्य दूतावासों, नीति निर्माताओं और अकादमिक जगत के दिग्गजों ने भाग लिया। इस दौरान यूएसए, यूके, जापान और ईयू के लिए विशेष क्षेत्रीय सत्र भी आयोजित किए गए।
भारत की बदलती भूमिका और भविष्य के अनुमान
इंडक्टस ग्रुप के सीईओ और प्रबंध निदेशक आलोक कुमार ने कहा कि भारत की जीसीसी कहानी अब स्केल से बदलकर रणनीतिक मूल्य सृजन की ओर बढ़ रही है। भारत वर्तमान में लगभग 2,100 जीसीसी की मेजबानी करता है जो लगभग 24 लाख पेशेवरों को रोजगार देते हैं और इस क्षेत्र का आर्थिक मूल्य लगभग 98.5 अरब अमेरिकी डॉलर है। इंडक्टस रिसर्च का अनुमान है कि 2040 तक यह मूल्य 980 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगा और लगभग 80 लाख हाई-एंड नौकरियां पैदा होंगी। समिट के दौरान “इरसिस्टिबल इंडिया: ए जीसीसी इंडस्ट्री कंपेंडियम” नामक शोध पुस्तक और इरसिस्टिबल इंडिया अवार्ड्स का भी शुभारंभ किया गया।