ग्लोबल क्लीन एनर्जी लीडर्स ने नोएडा में IB Solar प्लांट का किया दौरा, मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ की सराहना

ग्लोबल क्लीन एनर्जी लीडर्स के एक उच्च स्तरीय अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने 13 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में IB Solar के एडवांस्ड सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का दौरा किया। इस डेलीगेशन में न्यू एनर्जी इंडस्ट्रियल स्ट्रेटजी (NEIS) सेंटर की सीईओ सुश्री सारा लाडिसलाव और नेशनल सोलर एनर्जी फेडरेशन ऑफ इंडिया (NSEFI) के सीईओ श्री सुब्रह्मण्यम पुलिपाका शामिल थे। उनके साथ यूनाइटेड स्टेट्स और द एशिया ग्रुप के विशिष्ट प्रतिनिधि भी मौजूद थे, जिन्होंने भारत के बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम पर वैश्विक ध्यान केंद्रित किया।
मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं और विस्तार योजनाओं पर चर्चा
दौरे के दौरान चर्चा का मुख्य केंद्र भारत की बढ़ती सोलर मैन्युफैक्चरिंग क्षमताएं, मजबूत सप्लाई चेन का विकास और क्लीन एनर्जी में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के अवसर रहे। IB Solar ने अपनी टेक्नोलॉजी-ड्रिवन प्रोडक्शन प्रोसेस और क्वालिटी कंट्रोल सिस्टम का प्रदर्शन किया। कंपनी वर्तमान में 700 MW की मॉड्यूल प्रोडक्शन कैपेसिटी का संचालन करती है और सोलर पैनल के लिए 5 GW तथा सोलर सेल के लिए 1 GW तक महत्वपूर्ण विस्तार की योजना बना रही है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश में 2027 तक कमीशनिंग के लिए निर्धारित 4 GW की एक अतिरिक्त TOPCon सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री की योजना भी शामिल है।
भारत की वैश्विक स्थिति और भविष्य के लक्ष्य
यह दौरा वैश्विक क्लीन एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में भारत की मजबूत होती स्थिति को रेखांकित करता है। भारत ने 150 GW सोलर कैपेसिटी के साथ एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है और 2025 में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सोलर मार्केट रहा, जिसने एक ही वर्ष में लगभग 63 GW जोड़े। NSEFI का अनुमान है कि भारत 2026 में वैश्विक स्तर पर दूसरा सबसे बड़ा सोलर मार्केट बन जाएगा और 2030 तक 160 GW सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी तथा 120 GW सेल प्रोडक्शन कैपेसिटी का लक्ष्य रखता है। 1 जून 2026 से प्रभावी सोलर सेल के लिए अप्रूव्ड लिस्ट ऑफ मॉडल्स एंड मैन्युफैक्चरर्स (ALMM) लिस्ट-II जैसे रेगुलेटरी उपाय घरेलू सोलर मैन्युफैक्चरिंग को और मजबूत करने की उम्मीद करते हैं।