गाजियाबाद: दलित छात्र को जातिगत गालियां और बेरहमी से पीटा, पुलिस ने दर्ज की FIR

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक बेहद परेशान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 11वीं कक्षा के दलित छात्र को उसके ही सहपाठियों ने जातिगत भेदभाव और शारीरिक हिंसा का निशाना बनाया। इस घटना के बाद पीड़ित छात्र के पिता की शिकायत पर गाजियाबाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गाजियाबाद दलित छात्र हमला का यह मामला स्कूल परिसर और आसपास के माहौल में व्याप्त नफरत को उजागर करता है।
पीड़ित छात्र के पिता, महेश कुमार, जो पेशे से एक राजमिस्त्री हैं, ने बताया कि उनके बेटे को पिछले एक महीने से लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोप है कि सहपाठी न केवल उसे जातिसूचक शब्दों से संबोधित करते थे, बल्कि उसे पढ़ाई करने से भी रोकने की कोशिश करते थे। पीड़ित को ताना मारते हुए पूछा गया कि क्या वह अंबेडकर जैसा बनना चाहता है और धमकी दी गई कि वे उसे पढ़ने नहीं देंगे।
बेल्ट और लातों से पीटा, छात्र हुआ बेहोश
यह विवाद 6 अक्टूबर को हिंसक मोड़ ले लिया। आरोप है कि पीड़ित छात्र को उसके सहपाठियों और पांच से सात अन्य बाहरी लोगों ने घेर लिया। हमलावरों ने छात्र की बेरहमी से पिटाई की, जिसमें लात, घूंसे और बेल्ट का इस्तेमाल किया गया। मारपीट इतनी गंभीर थी कि छात्र मौके पर ही बेहोश हो गया। महेश कुमार के मुताबिक, उनका बेटा जब घर लौटा तो वह गंभीर रूप से घायल था और शारीरिक दर्द व मानसिक सदमे के कारण अब स्कूल जाने की स्थिति में नहीं है।
इस घटना के बाद पिता ने 8 अक्टूबर को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। रविवार को गाजियाबाद पुलिस ने कई छात्रों और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस ने इस मामले में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के साथ-साथ आपराधिक धमकी और शांति भंग करने के इरादे से अपमान करने जैसी गंभीर धाराएं लगाई हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और मामले की गहन जांच की जा रही है।