गाजियाबाद: प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भिड़े कांग्रेस नेता, ऑफिस में जमकर हुआ हंगामा
गाजियाबाद कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दो नेताओं में भिड़ंत हुई, मामला व्हाट्सएप ग्रुप और ड्यूटी विवाद का बताया जा रहा है।

गाजियाबाद में कांग्रेस पार्टी के जिला कार्यालय में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब पार्टी के ही दो बड़े नेता आपस में उलझ गए। मामला इतना बढ़ा कि बहस सिर्फ शब्दों तक सीमित नहीं रही और देखते ही देखते दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। यह पूरी घटना 25 अक्टूबर 2026 को हुई, जब पार्टी के 'वोट बचाओ - देश बचाओ' अभियान को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी। गाजियाबाद कांग्रेस विवाद ने पार्टी की आंतरिक कलह को सबके सामने ला दिया है।
बताया जा रहा है कि इस विवाद की शुरुआत गाजियाबाद जिला अध्यक्ष सतीश शर्मा और मुरादाबाद के ऑब्जर्वर नरेंद्र चौहान के बीच हुई। मौके पर कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता और ऑब्जर्वर रागिनी नायक भी मौजूद थीं। चश्मदीदों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच विवाद की जड़ आंतरिक मतभेद थे। चर्चा है कि व्हाट्सएप ग्रुप से हटाए जाने और ड्यूटी के बंटवारे जैसे मुद्दों को लेकर दोनों के बीच तनातनी चल रही थी, जिसने अचानक हिंसक रूप ले लिया।
पार्टी दिग्गजों की मौजूदगी में हुई भिड़ंत
इस हंगामे के दौरान महानगर कांग्रेस अध्यक्ष वीर सिंह जाटव सहित कई अन्य पार्टी कार्यकर्ता और नेता वहां मौजूद थे। जैसे ही सतीश शर्मा और नरेंद्र चौहान के बीच बहस तेज हुई और धक्का-मुक्की शुरू हुई, वहां मौजूद लोग दंग रह गए। माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक को बीच में ही कार्यक्रम छोड़कर जाना पड़ा।
हैरानी की बात यह है कि इस पूरी घटना के बाद अब तक पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। 26 अक्टूबर तक यह साफ नहीं हो पाया है कि अनुशासन समिति इस मामले में कोई कार्रवाई करेगी या नहीं, लेकिन इस घटना ने पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को उजागर कर दिया है।